मैया ,मोहे दाऊ आज बहुत चिढायो

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आर के रस्तोगी 

मैया,मोहे दाऊ आज बहुत चिढायो |
मोसो कहत तू मोल को लीन्हो,
इसलिए तुझे मोबाइल न दिलायो ||
ग्वाल-बाल सबके पास है मोबाइल |
मोहे तूने अभी तक क्यों न दिलायो ?
गैया चरावत नही जाऊँगा तब तक ,
जब तक मोबाइल मेरे पास न आयो ||
भले ही तू माखन मिश्री न दियो मोहे ,
पर मोबाइल मुझे तुरन्त दिलायो ||
कन्हैया की सुन भोली बाते,
मैया ने तुरंत गले लगायो ||
कान्हा,फ़िक्र मत कर तू अब ,
नन्द बाबा से तुरन्त मोबाइल दिलायो ||

आर के रस्तोगी 
गुरुग्राम (हरियाणा)

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आर के रस्तोगी
जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

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