खाता हूँ सौगन्ध सविंधान की जो मुझे यहाँ तक लाया है |
करूँगा सब के साथ समान व्यवहार जो मुझे सिखाया है ||

रखूँगा नहीं बदले की भावना,सबको साथ में लेकर चलूँगा मै |
सब के साथ सबका विकास करूँगा,यही  सौगन्ध खाऊंगा मै ||

मै हूँ जनता का प्रधान सेवक,सबकी सेवा करूँगा मै |
जब तक मेरे शरीर में है प्राण,उसकी सेवा करूँगा मै ||

राष्ट हित है सर्वोच्च मेरे लिये,इसके बाहर न जाऊँगा मै |
अपने प्राणों की बलि देने में भी ,कभी न सुकचाऊँगा मै ||

विश्वास किया है जो मुझमे तुमने,उसको कभी नहीं तोडूगा मै |
तुम्हारे विश्वास से मेरे में विश्वास जगा उसे कम करूँगा न मै ||

आर के रस्तोगी 

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