More
    Homeसाहित्‍यकवितासुभाष चन्द्र बोस जयंती

    सुभाष चन्द्र बोस जयंती


    तुम मुझको दो खून अपना ,
    मै तुमको दे दूंगा आजादी |
    यही सुनकर देश वासियों ने,
    अपनी जान की बाजी लगा दी ||

    यही सुभाष का नारा था ,
    जिसने धूम मच दी थी |
    इसी विश्वास के कारण ही
    उसने हिन्द फ़ौज बना दी थी ||

    याद करो 23 जनवरी 1897 को
    जब सुभाष कटक में जन्मे थे |
    स्वर इन्कलाब के नारों से वे ,
    भारत के जन जन में जन्मे थे ||

    वे अमर अभी तक विश्व में,
    जिन को मृतयु ने पाला था |
    वे हिन्द फ़ौज के सिपाही थे ,
    सच्चा हिन्दुस्तानी वाला था ||

    कहना उनका था वे आगे आये ,
    जिसमे स्वदेश का खून बहता हो |
    वही आगे आये जो अपने को ,
    भारतवासी कहने का हक रखता हो ||

    वह आगे आये जो इस पर ,
    अपने खून से हस्ताक्षर करता हो |
    मै कफ़न बढाता हूँ वह आये आगे,
    जो इसको हंसकर आगे लेता हो ||

    फिर उस रक्त की स्याही में ,
    वे अपनी कलम डुबाते थे |
    आजादी के इस परवाने पर ,
    अपने हस्ताक्षर करते जाते थे ||

    आर के रस्तोगी
    आर के रस्तोगी
    जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Must Read