लेखक परिचय

मिलन सिन्हा

मिलन सिन्हा

स्वतंत्र लेखन अब तक धर्मयुग, दिनमान, कादम्बिनी, नवनीत, कहानीकार, समग्रता, जीवन साहित्य, अवकाश, हिंदी एक्सप्रेस, राष्ट्रधर्म, सरिता, मुक्त, स्वतंत्र भारत सुमन, अक्षर पर्व, योजना, नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, प्रभात खबर, जागरण, आज, प्रदीप, राष्ट्रदूत, नंदन सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनेक रचनाएँ प्रकाशित ।

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 मिलन सिन्हा

जनता आज

द्रौपदी बन गयी है

पांडवों  की ईमानदारी

कल की बात हो गयी है

कृष्ण का अता-पता नहीं

गलत को ही लोग

कह रहे हैं सही

द्रौपदी का है बुरा हाल

फैला है चारों ओर

छल -प्रपंच का जाल

प्रशासन के कारनामे

हैं  कमाल, बेमिसाल

दु:शासन का

बढ़ रहा अत्याचार

जिधर देखो, मिलेगा

उसी के चाटुकार

और उसी का दलाल

हो रहा है वह निरंतर

निरंकुश एवं मालामाल !

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