ईश्वर ! तुमने हमे दिया है सुंदर सा एक शरीर स्वस्थ सभी अंग दिए है ये अपनी जागीर हमको दो आँखे दी तुमने देख-भाल कर बढ़े चले कान दिए हैं सुने मधुर हम अच्छाई को सुने-गुने दो है हाथ दिए हमको हम, काम हजारो कर लेंगे दो पैरो के बल चलकर हम नए-नए पथ खोलेगे वाणी का वरदान दिया है, हे ईश्वर ! हम मीठा बोले, अब हमको दो ज्ञान-बुधि प्रभु | हम अच्छे मानव हो ले | करे प्रतिगा ,नये वर्ष में , द्वन्द-फंद का नाम न ले , मात्रभूमि के हित में हो जो प्रभु ! हम ऐसे काम करे ||