ईश्वर ! तुमने हमे दिया है
सुंदर सा एक शरीर
स्वस्थ सभी अंग दिए है
ये अपनी जागीर
हमको दो आँखे दी तुमने
देख-भाल कर बढ़े चले
कान दिए हैं सुने मधुर हम
अच्छाई को सुने-गुने
दो है हाथ दिए हमको हम,
काम हजारो कर लेंगे
दो पैरो के बल चलकर हम
नए-नए पथ खोलेगे
वाणी का वरदान दिया है,
हे ईश्वर ! हम मीठा बोले,
अब हमको दो ज्ञान-बुधि प्रभु |
हम अच्छे मानव हो ले |
करे प्रतिगा ,नये वर्ष में ,
द्वन्द-फंद का नाम न ले ,
मात्रभूमि के हित में हो जो
प्रभु ! हम ऐसे काम करे ||

सुनीति रावत

Leave a Reply

%d bloggers like this: