शख्सियत समाज

भारतीय राजनीति के शिखर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

डॉ.वेदप्रकाश
     प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय और वैश्विक फलक पर जनप्रिय नेता तो हैं ही, अब वे भारतवर्ष के सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री भी बन गए है। ध्यातव्य है कि स्वतंत्र भारत में चुनाव के बाद पहली लोकसभा का गठन 17 अप्रैल 1952 को हुआ था। इसके बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 मई 1952 को प्रधानमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली और 27 मई 1964 तक सेवा की। यानी प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने 4,398 दिन का कार्यकाल पूरा किया। वहीं प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के 26 मई 2014 से 10 जून 2026 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा के उनके 4,399 दिन पूरे हो जाएंगे।


      महत्वपूर्ण यह भी है कि दोनों नेताओं के कार्यकाल की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और समग्रता में समसामयिक परिस्थितियां भिन्न-भिन्न रही। नेहरू के प्रधानमंत्री काल में भारत की जनसंख्या लगभग 34 करोड़ थी, वहीं 2014 में जब प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने पदभार संभाला तब भारत की जनसंख्या 131 करोड़ से अधिक हो चुकी थी, जो अब 146 करोड़ से अधिक है। यह भी उल्लिखित करना महत्वपूर्ण होगा कि वर्ष 1951-1952 में भारत के पहले आम चुनाव में केवल 53 राजनीतिक दलों ने चुनाव लड़ा था, जबकि वर्ष 2014 में यह आंकड़ा 464 और वर्ष 2024 के चुनावों में यह 7,445 राजनीतिक दलों की भागीदारी के साथ रिकॉर्ड पर पहुंच गया है। मतदाताओं की दृष्टि से भी देश के पहले आम चुनावों में लगभग 17 करोड़ मतदाता थे। वर्ष 2014 में मतदाताओं की संख्या 83 करोड़ और वर्ष 2024 में लगभग 98 करोड़ हो चुकी है। यह भी स्पष्ट है कि जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ रही है वैसे-वैसे राष्ट्रीय फलक पर भिन्न-भिन्न प्रकार की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं, किंतु इन सबके बीच भी प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी भिन्न-भिन्न रूपों में संतुलन बनाते हुए देश को विकसित भारत की ओर लेकर आगे बढ़ रहे हैं।


     वैश्विक फलक पर विचार करने पर हम पाते हैं कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। विगत 12 वर्षों में सऊदी अरब, अफगानिस्तान, फिलिस्तीन, संयुक्त अरब अमीरात, मालदीव, बहरीन, अमेरिका, फ्रांस, भूटान, पलाऊ गणराज्य, फिजी, न्यू पापुआ गिनी, मिस्र, नार्वे व स्वीडन जैसे विभिन्न देश उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत कर चुके हैं। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह स्पष्ट किया कि वसुधैव कुटुंबकम हमारे लिए कोई नारा नहीं है अपितु यह हमारा जीवन दर्शन है जिसके तहत हम पूरे विश्व को एक परिवार मानते हैं। आज आतंकवाद, भ्रष्टाचार, ड्रग्स, अवैध हथियार, मनी लॉन्ड्रिंग, जलवायु परिवर्तन प्लास्टिक, प्रदूषण, आपसी सहयोग, शांति, विस्तारवाद आदि अनेक ऐसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दे एवं चुनौतियां हैं जिनके समाधान अथवा पहल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने न केवल वातावरण निर्मित किया है अपितु अपनी सक्रिय भागीदारी भी निभा रहे हैं। यही कारण है कि न केवल भारतवर्ष अपितु समूचा विश्व उनके नेतृत्व में अनेक संभावनाएं देख रहा है और वैश्विक चुनौतियों के समाधान भी पा रहा है। मिशन लाइफ पर सबसे पहले वर्ष 2021 में ग्लासगो में आयोजित काप 26 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विचार रखे थे। उसके बाद उन्होंने गुजरात के केवड़िया से मिशन लाइफ की शुरुआत की है। इस वैश्विक कार्य योजना का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभाव से धरती को बचाना है। इसके अतिरिक्त कोरोना महामारी एवं विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के समय भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व के अनेक देशों को खाद्यान्न, दवाइयां एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करते हुए मानवता के भारत भाव को मजबूत किया है।


     विगत लंबे समय से रूस- यूक्रेन, अमेरिका- ईरान और इसराइल जैसे कई देश युद्ध की विभीषिका से गुजर रहे हैं, ऐसे में विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की वैश्विक आपूर्ति भी बाधित हो रही है। लंबे समय से ईरान से आने वाले कच्चे तेल और एलपीजी गैस का संकट भी बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इन सभी समस्याओं के होते हुए भी निरंतर आगे बढ़ रहा है और उनके विकल्प के रूप में आत्मनिर्भरता के संकल्प को साकार कर रहा है।


    राष्ट्रीय फलक पर विचार करें तो वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री का पदभार संभालते ही उन्होंने सबका साथ- सबका विकास का संकल्प लेकर जन भागीदारी का आवाह्न करते हुए देश को आगे लेकर चलने का काम शुरू किया। अक्टूबर 2014 से प्रधानसेवक के रूप में नरेंद्र मोदी के द्वारा प्रत्येक महीने मन की बात शुरू की गई। धीरे-धीरे यह कार्यक्रम जन जागरण का एक अभियान बनता जा रहा है। स्वच्छता, शौचालय, खादी, योग, परीक्षा, ऑर्गेनिक खेती, पशुपालन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला सशक्तिकरण, स्टार्टअप, कौशल विकास एवं जल संरक्षण-संवर्धन आदि सैकड़ों ऐसे विषय है जिनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन मन की बात है। महत्वपूर्ण यह भी है की मन की बात आज राष्ट्रीय  एवं अंतरराष्ट्रीय फलक पर चर्चा एवं शोध का विषय बनती जा रही है, जिसके मूल में व्यक्ति, समाज एवं राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। वर्ष 2014 में लालकिले की प्राचीर से अपने पहले ही संबोधन में उन्होंने स्पष्ट कहा था- मैं आपके बीच प्रधानमंत्री के रूप में नहीं प्रधानसेवक के रूप में उपस्थित हूं… हम आजादी के इस पावन पर्व पर मां भारती के कल्याण के लिए हमारे देश के गरीब, पीड़ित, दलित, शोषित, समाज के पिछड़े हुए सभी लोगों के कल्याण का, उनके लिए कुछ न कुछ कर गुजरने के संकल्प का यह पर्व है। मेरा क्या? मुझे क्या? उससे ऊपर उठकर देशहित के हर काम के लिए मैं आया हूं. ..।


प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने प्रधानमंत्री जन धन योजना, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत, डिग्निटी ऑफ़ वीमेन, शौचालय युक्त भारत, टॉयलेट युक्त स्कूल, गरीबी मुक्त भारत, श्रमिकों के कल्याण के लिए श्रमेव जयते, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना, मिशन अंत्योदय, मातृ वंदना योजना, मिशन इंद्रधनुष, आयुष्मान भारत, सुकन्या समृद्धि योजना आदि योजनाएं लागू की हैं जो पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति को लाभ देकर उसके जीवन स्तर में सुधार कर रही हैं।


     अयोध्या राम मंदिर का संविधान सम्मत समाधान, तीन तलाक के दर्द से मुक्ति हेतु कानून और कश्मीर से धारा 370 हटाना जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए वातावरण निर्माण और कानून बनाना बहुत बड़ी चुनौती का कार्य था जिसे प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने सबको साथ लेकर कर दिखाया। भारत में स्व का जागरण, अपनी भाषा, भोजन, भेष के प्रति जागरूकता और वर्तमान में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का श्रेय प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी को ही जाता है।


    महत्वपूर्ण यह भी है कि वर्ष 2014 में भारी बहुमत मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समूचे देश में सकारात्मक वातावरण बनाने में और योजनाओं को सफलता से क्रियान्वित करने में सफल रही है, जिससे जन-जन का भरोसा और विश्वास उन्हें मिल रहा है। इसके विपरीत कांग्रेस, समाजवादी पार्टी,बहुजन समाज पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी एवं वामपंथी पार्टियां लगातार हार के संकट से जूझ रहे हैं। निहित स्वार्थों की नींव पर इन सभी विपक्षी दलों के द्वारा मिलकर बनाया हुआ आइएनडीआइए गठबंधन भी टूट के कगार पर है।


बेबुनियाद आरोपों और मुद्दों के जरिए विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई बार घेरने का प्रयास कर चुका है लेकिन विपक्ष का झूठा नॉरेटिव चल नहीं पाया।  प्रधानमंत्री जी की योजना एवं संकल्प से ऑपरेशन सिंदूर के द्वारा सीमा पार जाकर आतंकवाद को करारा जवाब दिया गया है। आज सभी विपक्षी नेता हाशिए पर जा चुके हैं। उनका सच और झूठ सबके सामने है। ऐसे में प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी समूचे देश के लिए प्राण शक्ति जैसे सिद्ध हो रहे हैं।


   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों, मजदूरों, किसानों और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति ने जिस प्रकार सुरक्षा, सम्मान एवं स्वयं की उपस्थिति को महसूस किया है वह ऐतिहासिक है और इस बात का भी संकेत है कि भारतीय राजनीति के शिखर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का जन-जन सहभागी बनते हुए निरंतर चलना चाहता है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं…।

डॉ.वेदप्रकाश