कर्ज मुक्ति का उपाय

जैविक खाद में निहित है किसान की कर्ज मुक्ति का उपाय

मिट्टी की उवर्रकता बढ़ाने के मामले में देश् में जैविक खाद एक पारंपरिक स्रोत रही है। किन्तु यह सरकारी प्रकाशनों में सिर्फ एक उपदेश की तरह शामिल है। जबकि सरकार ने प्रचार—प्रसार की नीतियों में रासायनिक खाद को ही स्थान दिया है। सन् 1977 से लेकर अब तक सरकार यूरिया जैसे रासायनिक खाद पर सब्सिडी देती आ रही है। इस दशा में किसान जैविक खाद छोड़कर रासायनिक खाद को अपनाने हेतु प्रेरित हुए। आज हालात यह है कि सब्सिडी के बावजूद किसान इस खाद को खरीद पाने की स्थिति में नहीं है।