गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-20

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राकेश कुमार आर्य  गीता का तीसरा अध्याय और विश्व समाज हमने पाकिस्तान के विरूद्घ भारत के प्रधानमंत्री मोदी को ‘सर्जिकल स्ट्राईक’ करते देखा। संयुक्त राष्ट्र में अपनी विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज को पाकिस्तान की बखिया उधेड़ते हुए देखा-ऐसे हर अवसर पर देश में भावनात्मक एकता का परिवेश बना, लोगों में सांस्कृतिक और सांगठनिक… Read more »

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-19

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राकेश कुमार आर्य गीता का तीसरा अध्याय और विश्व समाज सन्त का यह कार्य आपको शिक्षा दे रहा है कि यज्ञीय बन जाओ, जो भी कुछ मिलता है-उसे बांट दो। ज्ञान को भी बांट दो और मिले हुए दान को भी बांट दो। चोर, डकैती या लुटेरा व्यक्ति ऐसा क्यों नहीं कर पाता? इसका कारण… Read more »

कांग्रेस का सोनिया काल

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राकेश कुमार आर्य   कांग्रेस से सोनिया काल विदा ले चुका है। अब वह अस्ताचल की ओर है। बेशक उन्होंने कांग्रेस की तथाकथित शानदार परम्परा का निर्वाह करते हुए अपना ‘सिंहासन’ अपने पुत्र राहुल को सौंप दिया है, पर वह अब बुझता हुआ दीप ही कही जाएंगी। क्योंकिअब वह कांग्रेस अध्यक्ष पद पर या… Read more »

गुजरात से निखरी राहुल गांधी की तस्वीर और गहलोत निकले चाणक्य

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निरंजन परिहार- गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों को एक तरफ रख दीजिए। वे जो हैं, सो हैं। कांग्रेस, कांग्रेसियों और राहुल गांधी के शुभचिंतकों के लिए खुशी की बात यह है कि इस चुनाव में राहुल एक तपे हुए, मंजे हुए और धारदार नेता बनकर देशभर में ऊभरे हैं। इससे भी ज्यादा खुशी की बात यह है कि… Read more »

कांग्रेस में अब नई पारी खेलेंगे राहुल

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सुरेश हिन्दुस्थानी देश के दो राज्यों के चुनाव बाद सर्वेक्षण में भले ही कांग्रेस को हार की संभावना के समीप रखा गया है, लेकिन कांग्रेस मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं का जो जोश दिखाई दिया, उससे यह तो कहा जा सकता है कि कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव बाद के सर्वेक्षणों से मायूस नहीं हैं। कांग्रेस के केन्द्रीय मुख्यालय… Read more »

प्यार पर पहरा कब तक?

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ललित गर्ग नया भारत, विकसित भारत एवं नयी सोच के भारत को निर्मित करने में जो सबसे बड़ी बाधाएं देखने में आ रही है, हमारी संकीर्ण सोच एवं विकृत मानसिकता प्रमुख हैं। संचार क्रांति हो या अंतरिक्ष में बढ़ती पहुंच-ये अद्भुत एवं विलक्षण घटनाएं तब बेमानी लगती है या बौनी हो जाती है जब हमारे… Read more »

यरूशलम विवाद : शिया-सुन्नी संघर्ष की अमेरिकी साजि़श

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तनवीर जाफ़री ‘बांटो और राज करो’ की जिस नीति पर चलते हुए ब्रिटिश राज ने लगभग पूरे विश्व में अपने साम्राज्य का विस्तार कर लिया था ठीक उसी नीति का अनुसरण आज अमेरिका द्वारा किया जा रहा है। परंतु बड़े आश्चर्य की बात है कि दुनिया का हर देश तथा वहां के बुद्धिमान समझे जाने… Read more »

छत्तीसगढ़ के उद्धारक गुरू घासीदास

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18 दिसम्बर जन्मदिवस पर विशेष गुरु घासीदास जी का अवतरण छत्तीसगढ़ अंचल के लिए, उस युग की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक आवश्यकता थी। उनके अवतरण के बिना इस क्षेत्र के उद्धार हो ही नहीं सकता था। गुरू घासीदास जी का अवतरण  जिस समय हुआ, उस समय पूरे छत्तीसगढ में अराजकता थी। अंग्रेज और मराठा शाही भूलभुलैया… Read more »

बौद्धिक आतंकवाद 

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डा. राधेश्याम द्विवेदी तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा :- कहा तो यह जाता है कि आतंक की कोई जाति व मजहब नहीं होता है। पर इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि सर्वाधिक आतंक को मुस्लिम देश ही पोषित कर रहे हैं। इतना ही नहीं विश्व की अनेक तथा भारत की कुछ सरकारें भी… Read more »

प्रजातंत्र के अंधकार युग के प्रतिबिंब और ईमानदारी के मुखौटा हैं मनमोहन सिंह

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इस देश में महान बनाने की एक फैक्ट्री है. दरअसल, ये फैक्ट्री नहीं एक गैंग है जो महानता के सर्टिफिकेट देती है. इसी फैक्ट्री में ये तय होता है कि कौन महान है और कौन नीच? एक भी चुनाव न जीतने वाले को महान नेता.. हजारों लोगों को मौत के घाट उतारने वाले को उदारवादी… Read more »