समाज भारतीयता में समाहित है वैश्विक कल्याण का मार्ग April 21, 2026 / April 21, 2026 by प्रो. एस. के. सिंह | Leave a Comment हजारों सालों से पूरी पृथ्वी को एक मानने एवं मानवता के समग्र कल्याण पर आधारित ‘वसुधैव कुटुम्बकम’, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’, ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ जैसे भारतीय सिद्धांतों में विकास और प्रगति का अर्थ किसी एक व्यक्ति या किसी एक राष्ट्र का हित नहीं बल्कि समग्र रूप में पूरी मानवता का कल्याण करना है, Read more » The path to global welfare lies in Indianness भारतीयता भारतीयता में समाहित है वैश्विक कल्याण का मार्ग