प्रो. एस. के. सिंह

प्रो. एस. के. सिंह प्राध्यापक, वाणिज्य जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर

बहुत जरूरी हैं शिक्षा में बदलाव

हमें सफलता, मूल्यांकन एवं आकलन के वर्तमान आधारों पर पुनर्विचार करना होगा। हमारे मूल्यांकन की इससे बड़ी विसंगति और क्या हो सकती है कि जिन्होंने कभी गाॅव नहीं देखा, जो कभी गाॅव में नहीं रहे, वे ‘ग्रामीण विकास‘ एवं ‘गाॅव‘ के बारे में अधिकारपूर्वक लिख रहे हैं, एवं बड़ी-बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं।

यू.जी.सी नहीं रख सका उच्च शिक्षा में एकरूपता

सम्बद्धता से प्रभावित प्रादेशिक विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता भारतीय विश्वविद्यालयीन शिक्षा में सुधार, विस्तार तथा भविष्य

निजी विश्वविद्यालय: विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह

प्रो. एस. के. सिंह पिछले वर्षं मेघालय में एक निजी विश्वविद्यालय (सी.एम.जे. विश्वविद्यालय) द्वारा यू.जी.सी