मातृ-भूमि वन्दना -राज सक्सेना

मातृ-भूमि वन्दना -राज सक्सेना

     भरत-भूमि,भव-भूति  प्रखण्ड | उन्नत, उज्ज्वल, भारतखण्ड | सकल-समन्वित,श्रमशुचिताम, शीर्ष-सुशोभित,श्रंग-शताम | विरल-वनस्पति, विश्रुतवैभव,  पावन,पुण्य-प्रसून,शिवाम