ये अकेलापन

Posted On by & filed under कविता, साहित्‍य

बहुत ही दूर तक दिखता है मुझको ये अकेलापन तुम्हारे साथ होने पर भी नहीं हटता है ये अकेलापन कभी किया करती हूँ खुद से बातें मैं बेपर्दा कि _छुप के देखता है मुझको ये अकेलापन हृदय के एक कोने में जब याद उठती है तुम्हारी कि_छुप के साँस लेता है मुझमें ये अकेलापन कितनी… Read more »