मातृभूमि का कर्ज़ अभी बाकी है

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नरेश भारतीय   वह क्रांति का शंखनाद था अन्याय के अंत का उनका आह्वान था शोषणमुक्त समाज के निर्माण का सन्देश था बिना किसी प्रतिदान या इनाम की उम्मीद के मातृभूमि की मुक्ति का यह महासंकल्प था हँसते हंसते मृत्यु को जो गले लगाने चल पड़े   उन शहीदों को नमन, शत शत नमन, शत… Read more »