नरेश भारतीय

नरेश भारतीय ब्रिटेन मे बसे भारतीय मूल के हिंदी लेखक हैं। लम्बे अर्से तक बी.बी.सी. रेडियो हिन्दी सेवा से जुड़े रहे। उनके लेख भारत की प्रमुख पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं। पुस्तक रूप में उनके लेख संग्रह 'उस पार इस पार' के लिए उन्हें पद्मानंद साहित्य सम्मान (2002) प्राप्त हो चुका है।

भाजपा की जीत, सुरक्षित है भारत का भविष्य

मैं देश की जनता को बधाई देना चाहता हूँ जिसने सच्चाई को समझने का प्रयास करते हुए उत्तरप्रदेश में भाजपा को भारी बहुमत से जनादेश दिया है. इस जनादेश को भाजपा झुठलाएगी नहीं अपितु दिनरात एक कर देश के जन जन में भारतीयता के जोड़क भाव निर्माण करेगी. देश का दुर्भाग्य रहा है कि चुनावों में जातिवाद उभर कर सामने आता है .

दशम विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रधानमन्त्री मोदी हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के संकल्प की घोषणा करें

सभी क्षेत्रीय भाषाओं को यथास्थान यथायोग्य सम्मान देते हुए हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा घोषित