शेख हसीना वाजिद की भारत-यात्रा

भारत-बांग्ला प्रेमालाप

उनका मानना है कि 2011 में मनमोहनसिंह इस जल-संधि को संपन्न करने पर इसीलिए उतारु थे कि उधर दोनों देशों के बीच यह संधि हो और इधर ममता सरकार गिर जाए। ममता बनर्जी का कहना है कि यदि तीस्ता का पानी बांग्लादेश को दिया गया तो हमारे खेत सूख जाएंगे। लाखों किसान भूखे मर जाएंगे। इसीलिए इस बार भी यह संधि नहीं हो पाएगी। फिर भी ममता दिल्ली आकर हसीना को दिए जा रहे भोज में भाग लेंगी।