कला-संस्कृति लेख कटुता भुलाकर गले मिलें March 1, 2026 / March 1, 2026 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment फाल्गुन की उजली पूर्णिमा, जब नभ में मुस्काती है, होलिका की पावन ज्वाला बुराई को जलाती है। सत्य की राह दिखाकर हमको, नव विश्वास जगाती है, अंधियारे मन के कोनों में भी उजियारा भर जाती है। सुबह धुलेंडी रंग लिए जब आँगन में आ जाती है, अबीर-गुलाल की खुशबू से हर गली महक जाती है। […] Read more » कटुता भुलाकर गले मिलें