कविता भय-निःशब्दता का स्वप्न-विस्फोट March 18, 2026 / March 18, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment भय मुट्ठी बाँध, उन्मेष जगाता यह काल; क्षोभ स्वयं को भूल, निःशब्द हुआ है संसार। प्रेम और विरक्ति मिलकर लय हो जाते, Read more » भय-निःशब्दता का स्वप्न-विस्फोट