लेखक परिचय

प्रवक्‍ता ब्यूरो

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नव वर्ष एक उत्सव 

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  गीता आर्य अलग अलग देशों में विभिन्न प्रकार के उत्सव एवं त्योहार मनाये जाते हैं । त्योहारों का अपना विशेष महत्त्व होता है । त्योहार जहाँ एक ओर हमें खुशी प्रदान करते हैं वहीं दूसरी ओर हम में सामाजिक रूप से एकता का भाव जाग्रत करते हैं । भारत और विश्व में अनेक प्रकार… Read more »

रक्तिम – भँवर

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रक्तिम – भँवर आलोक पाण्डेय भर – भर आँसू से आँखें , क्या सोच रहे मधुप ह्रदय स्पर्श , क्या सोच रहे काँटों का काठिन्य , या किसी स्फूट कलियों का हर्ष ? मन्द हसित , स्वर्ण पराग सी , विरह में प्रिय का प्रिय आह्वान , या सोच रहे किस- क्रुर प्रहार से छुटा… Read more »



परिवार का महत्त्व और उसका बदलता स्वरूप 

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 गीता आर्य परिवार व्यक्तियों का वह समूह होता है,  जो विवाह और रक्त सम्बन्धों से जुड़ा होता है जिसमें बच्चों का पालन पोषण होता है ।  परिवार एक  स्थायी और  सार्वभौमिक संस्था है।  किन्तु इसका स्वरूप  अलग अलग स्थानों पर भिन्न हो सकता है ।  पश्चिमी देशों में अधिकांश नाभिकीय  परिवार पाये जाते  हैं ।… Read more »

प्रतिध्वनि 2- कलेवर 

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अनुपम सक्सेना बहुत सी बातें ऐसी होती हैं जो अनकही रह जाती हैं कई प्रश्न ऐसे होते हैं जो अनुत्तरित रह जाते हैं बहुत कुछ पकड़ने की कोशिश में कुछ चीजें छूट जातीं हैं कुछ सच ऐसे होतें हैं जिन पर पर्दा डाल दिया जाता है इन्ही अनकहे अनुत्तरित छूटे हुए सच की मैं प्रतिध्‍वनि… Read more »

सावरकर पर पुनर्विचार, कंस्टीट्यूशन क्लब नई दिल्ली में आयोजन

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नई दिल्ली : स्वतंत्रता सेनानी और हिन्दू विचार धारा के राजनितिक विनायक दामोदर सावरकर के विचारों को राष्टीय मंच देने के लिए सावरकर पर पुनर्विचार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आज शाम 4 : 30 कंस्टीट्यूशन क्लब नई दिल्ली में होगा आप सभी आकर इस कार्यक्रम के भागीदारी बने आपको बता… Read more »

आपातकाल को लेकर जनता को जागरूक रहना चाहिये – हरेन्द्र प्रताप

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  माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार वि.वि. में आपातकाल प्रसंग पर विमर्श  हरेन्द्र प्रताप      भोपाल, 26 जून। प्रख्‍यात चिंतक और विचारक श्री हरेन्‍द्र प्रताप ने आपातकाल के दर्द को बयां करते हुए कहा कि आज की युवा पीढी को आपातकाल के दौर को याद दिलाने की आवश्यकता है। मैंने प्रत्यक्ष तौर पर आपातकाल… Read more »

धूल में हवा होती फर्टिलिटी

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उमेश कुमार सिंह नई दिल्ली: आजकल धूल भरी हवा व प्रदूषण ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है, इसका सीधा असर हमारे जीवन को प्रभावित करता है यही कारण है कि दिल्ली एन सी आर में कई ऐसे कपल्स हैं, जो काफी कोशिशों के बाद भी बच्चा पैदा करने में नाकाम हो रहे हैं। ऐसे… Read more »

जीवन जीने की कला है योग

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डॉ नीलम महेन्द्र योग के विषय में कोई भी बात करने से पहले जान लेना आवश्यक है कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह  है कि आदि काल में इसकी रचना, और वर्तमान समय में इसका ज्ञान एवं इसका प्रसार स्वहित से अधिक सर्व अर्थात सभी के हित को ध्यान में रखकर किया जाता रहा है।अगर… Read more »

“करके देखो अच्छा लगता है!

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 लायन विकास मित्तल दोस्तों विश्व रक्तदाता दिवस प्रतिवर्ष. 10 जून को मनाया जाता है। क्या आप रक्तदान करते है ??? क्या कहा नही ?? ये तो गलत बात है विश्व रक्तदान दिवस मनाने में मजा तभी आयेगा जब सभी लोग 90 दिन के बाद खुद रक्तदान करने के लिए ब्लड बैंक पहुचें।अभी भी जागरुकता की… Read more »

भारत: देशहित और सत्तलालसा

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आस्तिक तिवारी आज के दौर में भारत एक प्रगतिशील राष्ट्र के तौर पर अपना एक एक कदम बखूबी और बेहद सलीके से बढ़ा रहा है ,सारी दुनिया भारत को एक आशा के साथ देख रही है, उसके हित भारत के साथ जुड़े हुए है और भारत भी बेहद कूटनीतिक रूप से अपने हितों को साधने… Read more »