बिहार के विकास के प्रारूप की समीक्षा

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-आलोक कुमार-    मौजूदा दौर में अगर “बहुप्रचारित विकसित बिहार” की बात करें तो लंबी-चौड़ी सड़कों, अपार्टमेन्टस एवं मॉल्स के निर्माण और विकास दर (आंकड़ों की बाजीगरी) के बढ़ने को ही विकास बताया जा रहा है। सबसे घातक तो यह है कि सत्ता में बैठे लोग दूसरों को भी इसी अवधारणा को सच मानने के… Read more »