राजनीति विधि-कानून न्यायपालिका, आलोचना और लोकतंत्र : क्या न्यायालयों को आलोचना से भयभीत होना चाहिए? May 7, 2026 / May 7, 2026 by डॉ. शैलेश शुक्ला | Leave a Comment रत में न्यायालय की अवमानना का कानून औपनिवेशिक मानसिकता की देन माना जाता है। संविधान के अनुच्छेद 129 और 215 सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों को अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 भी इस शक्ति को परिभाषित करता है। Read more » न्यायालयों को आलोचना