28 अक्टूबर 1988 को ऊटी, नीलगिरि जिले, तमिलनाडु में एक बडागा परिवार में पैदा हुई तमिल फिल्मों की एक्ट्रेस वाणी भोजन ने बोर्डिंग स्कूल, ऊटी से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज, स्टोन हाउस हिल, ऊटी से अंग्रेजी साहित्य में डिगी हासिल की।
वाणी भोजन के पिता एक वन्यजीव फोटोग्राफर हैं। वाणी भोजन ने किंगफिशर एयरलाइंस और फिर इंडिगो में एयर होस्टेस के रूप में अपना करियर शुरू किया इसके बाद वाणी को द ‘चेन्नई सिल्क्स’ के एक विज्ञापन में मॉडल के रूप में काम करने का अवसर मिला, जिसके कारण उन्हें एक्टिंग प्रपोजल मिलने लगे।
वाणी भोजन ने हॉरर फिल्म ‘ऑर एरावु’ (2010) से तमिल फिल्मों में डेब्यू किया। उनके बाद वह एक और तमिल फिल्म ‘आदिगरम 79’ (2012) की सहायक भूमिका में नजर आईं।
वाणी भोजन ने फिल्म ‘मीकू मथरामे चेप्था’ (2019) से तेलुगु फिल्मों में शुरूआत की। लेकिन उन्होंने तेलुगु से ज्यादा तमिल फिल्मों को तरज़ीह दी और ‘ओह माय कदवुले’ (2020), ‘लॉकअप’ (2020), ‘मलेशिया टू अमनेसिया’ (2021), ‘रामे आंदालुम् रावणे आंदालुम्’ (2021), ‘मिरल’ (2022), ‘पायुम ओली नी येनक्कू’ (2023), ‘लव’ (2023), ‘अंजामाई’ (2024) और ‘गैंगर्स’ (2025) जैसी तमिल फिल्मों में उनके काम को खूब पसंद किया गया।
‘ओह माय कदवुले’ (2020) में वह अशोक सेलवन के साथ थी। जबकि क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘लॉकअप’ (2020) में उनकी मुख्य भूमिका थी। कोविड-19 के कारण उनकी यह फिल्म जी 5 पर रिलीज़ हुई।
जी 5 की फिल्म ‘मलेशिया टू अमनेसिया’ (2021) में वाणी वैभव के साथ थीं। सूर्या के 2D एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित उनकी फिल्म ‘रामे आंदालुम् रावणे आंदालुम्’ (2021) अमेज़न प्राइम पर रिलीज़ हुई। इस फिल्म में उन्होंने एक पत्रकार की भूमिका निभाई।
कार्तिक सुब्बाराज की फिल्म ‘महान’ (2022) में उनकी भूमिका विक्रम की प्रेमिका की थी। इसके बाद ड्रामा फ़िल्म अंजामई (2024) में वाणी ने मुख्य भूमिका निभाई। वह सुंदर सी की कॉमेडी फिल्म गैंगर्स (2025) में भी थीं।
वाणी भोजन ने स्टार विजय के धारावाहिक ‘आहा’ (2012) से टीवी के लिए शुरूआत की। उसके बाद वह जया टीवी के धारावाहिक ‘माया’, सन टीवी के धारावाहिक ‘देवमगल’ (2018) और ज़ी तमिल के सीरियल ‘लक्ष्मी वंधाचू’ 2015–(2017) में नजर आईं।
वाणी भोजन को साल 2017 में द टाइम्स मोस्ट डिजायरेबल वूमेन ऑन टेलीविज़न की फेहरिस्त में पहले नंबर पर जगह दी। इसके बाद साल 2018 और 2019 में भी वह इस फेहरिस्त में 3 पर रहीं।
सुभाष शिरढोनकर