उन्नाव रेप कांड: संघी देशभक्त और अन्ना हजारे जैसे छद्म गांधीवादी और जगतगुरू शंकराचार्य आदि न जाने किस बिल में छिपे हुए हैं?

आदिवासी ताऊ डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा

उन्नाव रेप कांड: संघी देशभक्त और अन्ना हजारे जैसे छद्म गांधीवादी और जगतगुरू शंकराचार्य आदि न जाने किस बिल में छिपे हुए हैं?—आदिवासी ताऊ डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा

उत्तर प्रदेश में उस भाजपा की सरकार है, जो रामराज्य स्थापित करने के सपने दिखाकर हिंदू वोटर को अपने पक्ष में करने में सफल रही है। जिसका रामराज्य की भारी चाहत है/थी। ऐसे वोटरों की रामराज्य की चाहत उन्नाव रेप कांड जैसी अमानवीय घटनाओं और दुर्घटनाओं के जरिये पूरी हो रही है! उन्नाव बलात्कार कांड जैसी दर्दनाक और शर्मनाक घटनाएं उन हिंदुओं के चेहरे पर कालिख पोतने के लिये पर्याप्त हैं, जो भाजपा के माध्यम से भारत में रामराज्य स्थापित करने के सपने देखते रहे हैं। इस घिनौने बलात्कार कांड और बलात्कारित पीड़िता के परिजनों की हत्या के बाद भी ऐसे अंधभक्तों की तंद्रा नहीं टूटना उनके इंसान होने पर सवालिया निशान है? ऐसे असंवेदनशील लोग शायद अभी भी किसी दूसरी दुनिया में जी रहे हैं। रामराज्य के आकांक्षी ऐसे भाजपा—संघ भक्तों को इंसान कहलवाने का कोई हक नहीं है। ऐसे में विशेषकर भाजपा की केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों, भाजपाई कार्यकर्ताओं, भापाई हिंदुओं, भूत तथा वर्तमान भाजपाई विधायकों और सांसदों से कुछ सवाल? क्या भाजपा का रामराज्य या शासन करने का यही उचित और संवैधानिक तरीका है कि—

1. भाजपा के विधायक कुलदीप सेंगर पहले एक निर्दोष लउ़की से बलात्कार करें और खुल्ला घूमत रहें। राज्य सरकार और उसकी चुलिस चुप्पी साधे आराम फरमाती रहे?

2. बलात्कार पीड़िता, बलात्कार की शिकायत करे तो उसके बाप को मनमाने आरोप गढकर पुलिस गिरफ्तार कर ले और पुलिस कस्टेडी/अभिरक्षा में ही उसके बाप की हत्या कर दी जाये?

3. बलात्कार पीड़िता के काका/चाचा को भी मनमाने आरोप गढकर पुलिस गिरफ्तार कर ले और जेल में डाल दे, जिससे वह बलात्कारित लड़की की किसी प्रकार मदद नहीं कर सके?

4. इसके समानांतर बलात्कारी को गिरफ्तार करके जेल में डालने के बजाय, अत्याचारियों तथा व्यवस्था पर काबिज रामराज्य संचालकों द्वारा बलात्कार पीड़िता को लगातार प्रताड़ित किया जाना और संतात्र देना जारी रखा जावे?

5. लगातार संत्रास के बाद भी बलात्कार पीड़िता इंसाफ पाने की गुहार करना बंद नहीं करे तो  उसका एक्सीडेंट करवा दिया जाये?

6. बलात्कारिता को मरवाने हेतु करवाये गये सुनियोजिक एक्सीडेंट में उसकी चाची और वकील की हत्या हो जाती है?

7. मुझे लगता है कि बलात्कार पीड़िता को शायद अभी भाजपा के रामराज्य का असली चेहरा देखना बाकी है या उनके रामराज्य के भापाई नायकों के खिलाफ कोर्ट में बयान देकर इंसाफ की अंधी देवी को झकझोरना बाकी है। अत: प्रकृति एक्सीडेंट से भी बलात्कारित को बचा लेती है।

उपरोक्त सवालों की पृष्ठभूमि में, मैं यह लिखने को विवश हूं कि कथित रूप से राष्ट्रवाद, देशभक्ति, सुसंस्कृत, चरित्रवान, मानवता के सेवक और हिंदू धर्म के सुसंस्कारों को स्थापित करने को सतत प्रयासरत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उच्च आदर्शों का पालन करने तथा करवाने को कथित रूप से संकल्पित भारतीय जनता पार्टी द्वारा वाकयी उत्कृष्ट चरित्रवान लोगों को पार्टी के टिकिट पर विधायक—सांसद बनाकर, रामराज्य की स्थापना करने हेतु विधायिका में लाया जाता है। जो पार्टी, सरकार तथा विधायिका का संवैधानिक संरक्षण प्राप्त करके सरेआम ऐसे घिनौने कुकृत्य कर रहे हैं, जिनसे मानवता शर्मसार हो रही है। सबसे बड़ी बात संघ, भाजपा, भाजपाई नेता, केन्द्र की सत्ता पर ईवीएम की कृपा से काबिज महान प्रधान सेवक, प्रधान सेवक के मंत्री, उत्तर प्रदेश सहित अनेक राज्यों की भाजपा सरकारों के मुख्यमंत्री, उनके मंत्री, भाजपाई सांसद और विधायक मौन धारण किये हुए हैं। संविधान के रक्षक राष्ट्रपति और सभी राज्यपाल भी इस प्रकार से मौन मुद्रा में हैं, जैसे भाजपाई सत्ता के विरुद्ध एक शब्द भी बोलना खतरे से खाली नहीं हो?ऐसा लगता है जैसे कि भारत के स्वतंत्र नागरिकों के भाजपा और संघ ज्वॉइन करने के बाद बोलने के संवैधानिक मूल अधिकार को छीन लिया जाता हो?

सर्वाधिक दु:खद और शर्मनाक तथ्य देश का भांड मीडिया इस दुर्दांत अमानवीय घटना को सरकार के खिलाफ राष्ट्रीय मुद्दा बनाने के बजाय सरकार और सरकार के भड़वों के गुणगान में लगा हुआ है। यही नहीं लगवाग्रस्त प्रतिपक्ष, फिल्म नगरी, महिला संरक्षण के नाम पर करोड़ों का सरकारी एवं गैर—सरकारी अनुदान डकारने वाले सामाजिक संगठन, अन्ना हजारे जैसे छद्म गांधीवादी तथा बाबा रामदेव जैसे यागी, दर्जनों कथा वाचक, जगतगुरू शंकराचार्य आदि न जाने किस बिल में छिपे हुए हैं?

आदिवासी ताऊ डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा, राष्ट्रीय प्रमुख—हक रक्षक दल सामाजिक संगठन, जयपुर, राजस्थान। 9875066111, दिनांक: 02.07.2019.

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डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'
मीणा-आदिवासी परिवार में जन्म। तीसरी कक्षा के बाद पढाई छूटी! बाद में नियमित पढाई केवल 04 वर्ष! जीवन के 07 वर्ष बाल-मजदूर एवं बाल-कृषक। निर्दोष होकर भी 04 वर्ष 02 माह 26 दिन 04 जेलों में गुजारे। जेल के दौरान-कई सौ पुस्तकों का अध्ययन, कविता लेखन किया एवं जेल में ही ग्रेज्युएशन डिग्री पूर्ण की! 20 वर्ष 09 माह 05 दिन रेलवे में मजदूरी करने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृति! हिन्दू धर्म, जाति, वर्ग, वर्ण, समाज, कानून, अर्थ व्यवस्था, आतंकवाद, नक्सलवाद, राजनीति, कानून, संविधान, स्वास्थ्य, मानव व्यवहार, मानव मनोविज्ञान, दाम्पत्य, आध्यात्म, दलित-आदिवासी-पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक उत्पीड़न सहित अनेकानेक विषयों पर सतत लेखन और चिन्तन! विश्लेषक, टिप्पणीकार, कवि, शायर और शोधार्थी! छोटे बच्चों, वंचित वर्गों और औरतों के शोषण, उत्पीड़न तथा अभावमय जीवन के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययनरत! मुख्य संस्थापक तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष-‘भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान’ (BAAS), राष्ट्रीय प्रमुख-हक रक्षक दल (HRD) सामाजिक संगठन, राष्ट्रीय अध्यक्ष-जर्नलिस्ट्स, मीडिया एंड रायटर्स एसोसिएशन (JMWA), पूर्व राष्ट्रीय महासचिव-अजा/जजा संगठनों का अ.भा. परिसंघ, पूर्व अध्यक्ष-अ.भा. भील-मीणा संघर्ष मोर्चा एवं पूर्व प्रकाशक तथा सम्पादक-प्रेसपालिका (हिन्दी पाक्षिक)।

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