जन्म जन्म हु साथ निभाये,तुम ऐसे बंधन में बंध जाये

जन्म जन्म हम साथ निभाये,तुम ऐसे बंधन में बंध जाओ
बन जाता हूँ दिल तुम्हारा,तुम दिल की धड़कन बन जाओ

कभी लड़े भिड़े न जीवन में,ऐसा तुम दर्पण  बन जाओ
हंसी-ख़ुशी जीवन बिताये,तुम जीवन की आशा बन जाओ

मै बन जाऊ साँस तुम्हारी,तुम जीवन की आस बन जाओ 
मै बन जाऊ चाहत तेरी,तुम मेरे दिल की चाहत बन जाओ

मै बन जाती हूँ बिजली तुम्हारी,तुम मेरे सावन मेघा बन जाओ
बरस बरस कर मरुस्थल में,तुम जीवन की हरियाली बन जाओ

मै बन जाता हूँ काजल तुम्हारा,तुम मेरी दो आँखे बन जाओ
बन जाता हूँ सुहाग तुम्हारा,तुम मेरी जीवन संगणि बन जाओ

आर के रस्तोगी 

Leave a Reply

%d bloggers like this: