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    Homeसाहित्‍यगजलदिल की दवा भी तुम्हे मिल जायेगी

    दिल की दवा भी तुम्हे मिल जायेगी

    दिल को भी करार तुम्हे आने लगेगा |
    जब कोई प्यार से तुम्हे बुलाने लगेगा ||

    दिल की दवा भी तुम्हे मिल जायेगी |
    जब कोई दर्द तुम्हारा समझने लगेगा || 

    भेज दो ऐसी खबर उसके घर पर तुम |
    तुम्हारा दिल,उनके दिल को सताने लगेगा || 

    जब लगी है आग दिल में दोनों तरफ से |
    फिर तुममें से कोई तो आग बुझाने लगेगा ||

    आने लगे जब याद शाम से उनकी तुमको |
    छत पर देखना,तुम्हारा चाँद बुलाने लगेगा ||

    जब दिल से मिलन हो जायेगा उनसे तुम्हारा |
    दुनिया की हर चीज तुमको भाने लगेगा ||

    मिलेगा सच्चा प्यार रस्तोगी जब तुमको |
    जिन्दगी का हर गम तुमको भुलाने लगेगा || 

    आर के रस्तोगी 
    गुरुग्राम (हरियाणा)

    आर के रस्तोगी
    आर के रस्तोगी
    जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

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