तुम याद आते हो

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मेरे गाँव,मेरे देश,तुम बहुत याद आते हो जब ढूँढना पड़ता है, एक छांव वो नल, जो बिन पैसे की ही प्यास बुझाती है तब मेरे गाँव, तुम बहुत याद आते हो निगाहें टिक गयी ,उन आते जाते लोगों देखकर पर हृदय में कोई रुदन करता है कि क्यूँ … मैं भी आज इसका किस्सा हूँ… Read more »

जीवन की ताल

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जीवन की हर ताल पे कोई , गीत नया होगा हँसते – गाते जी लेंगे जो , होगा सो होगा   नए राग में एक नयी धुन , हमने बनायी है उस धुन में जो शब्द भरे वो , सच्चा कवि होगा   भक्ति – भाव श्रृंगार हो चाहे , चाहे हो नवगीत साज़ नया , अंदाज़ नया हो , गीत,ग़ज़ल होगा   अलग रागिनी,अलग ताल हो,सुर लय की बंदिश गूँजेंगे  जब गीत सुरीले , रंग अलग होगा   वीणा बंसी और मृदंग की,संगत जब  होगी गीत सुरीला कानों मे,अमृत सा घु ला होगा   कवि के शब्द सुरों में बंधकर,ता लबद्ध होंगे, भाव बहेंगें शब्द मिलेंगे,जादुइ  असर होगा

अजीब सा सपना

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कल रात देखा मैने इक अजीब सा सपना, समझ में आये किसी को तो उसका अर्थ समझाना। दिशाहीन से सब दौड़ रहे थे, किसी को पता ही नहीं था अपना ही ठिकाना। कुछ बच्चे बिलख रहे थे भूखे और प्यासे! कुछ बच्चे भाग रहे थे निन्यानवें के पीछे! कुछ बच्चे करतब दिखा रहे थे नाच… Read more »

वो  तस्वीर हो गया

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अपना जब कोई बस तस्वीर होगया…… कल तक ‘है’ था, आज ‘था’ हो गया……. लगता है आ जायेगा लौटकर कहीं से भी यहीं कहीं होगा अग्नि को सौंपा था जिसे कल ही, वो  कहीं कोई सपना ही तो नहीं था! यथार्थ को स्वीकारना सरल तो नहीं  होता इस दौर से गुज़रता है जब अपना ही… Read more »

बेबसी

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लाचार, बेबस था वो उसकी आँखों मे स्पष्ट झलक रहा था उस दिन सड़क किनारे वो दिखा देखकर आदिमानव सी छवि उभर आई बढ़ी हुई दाढ़ी उलझे बाल मुह से लार टपकती थी हाथ मे कुछ पैसे पकड़े हुए और कुछ दुकानों से गिरी सब्जियां ये सब तो प्रति दिन होता है पर… उस दिन… Read more »

रफ का वो कापी

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रफ का वो कापी थोडी फटी सी, थोडी पुरानी । किसी की यादें किसी की बातें थी उसमें कई कहानी रफ का वो कापी थोडी फटी सी ,थोडी पुरानी । किसी पन्ने पर चुटकुले लिखाते तो किसी पर कविता ,कहानी कहीं पर प्रेम को छुपाते तो कहीं गनित बनाते कई पन्नों को फूलों से सजाते… Read more »

 बेटी  

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धन्य है वह आँगन, जहाँ बेटी की किलकारी है, और हर बेटी को बचाना, हम सबकी जिम्मेदारी है। भारत की हर बेटी पढ़े, ये पावन कर्तव्य हमारा है, क्योकि बेटियों ने तिरंगे,  का गौरव सम्मान बढ़ाया है। बेटी वो है जो, दो परिवारों की आन, बान और शान है, और बेटी होना आज, अभिशाप नहीं,… Read more »

जीवन नहीं आसान

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रात की चादर  तो हमेशा से ही अंधेरी ही होती है, रौशनी के लिये दीपक जलाने पड़ते है दोस्तो। जिन्दगी भी कहाँ आसान होती है किसी की भी…… पहाड़ों को काटकर रस्ते बनाने पड़ते हैं। आसानी से जो मिल जाय उसकी कद्र ही नहीं…… मेंहनत से कमाई हर चीज़ अनमोल होती है। सोने को भी… Read more »

धरा पर आये है

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धरा पर आये हैं तो कुछ धरा को देते जायें धरा ने जितना दिया है कुछ तो उसका मान रखें नदियों मे नही अपनी अस्थियों को बहायें क्यों न किसी पेड़ की खाद बने,लहलहायें। फलफूल से पूजाकरें मिट्टी की मूर्ति बनायें खँडित होने पर भी उसे नदियों में ना बहायें मिट्टी की मूर्ति को मिट्टी ही  में मिलायें। धर्म  में क्या लिखा है ये तो  मै नहीं जानती अपनी इबारत ख़ुद लिखें जो सही लगे वो अपनाये। हम नहीं बदलेंगे सदियों पुरानी इबारते लकीर की फ़कीर पीटेंगे और पिटवायेंगे…… धर्म के नाम पर सिर काटेंगे कटवायेंगे ऐसे किसी भी धर्म को मै नहीं मानती! समय के साथ नदी बदलती लेती है रास्ते, नये टापू उगते हैं तो कई डूब जाते हैं आज जहाँ हिमालय है वहाँ कभी समुद्र था जब वो बदल गये तो हम क्यों ना बदल जायें।

ये फूल अनोखे से…..

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गुलमोहर के पेड़ अनोखे सुन्दर लाल सुनहरी फूलों से आग लगायें। घने पेड़ लगे हों जहाँ उस आग से, मन शीतल होजायें। पीले अमलतास के फूल वृक्षों पर लहराये शोभा हर वन उपवन की मनभाये इतरायें पलाश के जंगल ही जंगल लाल सुनहरे पीले से भी फूल बड़े कुछ छोटे से भी झुंडो मे मुस्कायें… Read more »