आध्यात्मिक सुधारक – आदि शंकराचार्य

आध्यात्मिक सुधारक – आदि शंकराचार्य

बी एन गोयल   भारत के इतिहास में एक ऐसा भी समय आया है जब देश में धर्म और अध्यात्म के नाम पर अराजकता फैल रही थी। चार्वाक, लोकायत, कापालिक, शाक्त, सांख्य, बौद्ध, माध्यमिक तथा अन्य बहुत से सम्प्रदाय और…

संती-महंती का ठेला, मेला ही मेला

संती-महंती का ठेला, मेला ही मेला

अशोक गौतम थका हारा ठेले के डंडे में बुझी लालटेन लटकाए किलो के बदले साढ़े सात सौ ग्राम सड़ी गोभी तोल रहा था कि एकाएक कहीं से प्रगट हुए बाबा ने मुझसे पूछा, ‘ सब्जी के ठेले पर किलो के…

अनिवार्य मतदान का औचित्य

अनिवार्य मतदान का औचित्य

संदर्भः- गुजरात निकाय चुनाव में लागू हुआ अनिवार्य मतदान का कानून प्रमोद भार्गव गुजरात राज्य में होने वाले निकाय चुनावों में अनिवार्य मतदान का कानून लागू कर दिया गया है। अब जो मतदाता मतदान नहीं करेंगे उन्हें दण्डित भी किया…

महिला आरक्षण पर भाजपा की नीयत

महिला आरक्षण पर भाजपा की नीयत

डॉ. मयंक चतुर्वेदी वक्त बदलता है तो परिस्थि‍तियां कैसे बदलती हैं, इसका अंदाजा कम-ज्यादा सभी को रहता ही है। लेकिन ऐसा बहुत कम होता है कि होने वाले बदलाव एकदम व्यापक पैमाने पर देखने को मिल जायें। देश में सोलहवीं…

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए घातक मीट निर्यात

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए घातक मीट निर्यात

सुधीर तालियान मीट निर्यात भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कुत्ते की हड्डी बन चुका है। खून कुत्ते के मसूड़ों से आता है लेकिन वो समझता है कि ये हड्डी का कमाल है। स्वार्थ और राजनीति के चलते भारत की अर्थव्यवस्था भी…

अंधश्रद्धालु धर्मान्धताके पोखर में डुबकी लगाते रहेंगे

अंधश्रद्धालु धर्मान्धताके पोखर में डुबकी लगाते रहेंगे

जब तक यह भृष्ट समाज व्यवस्था कायम है , अंधश्रद्धालु धर्मान्धताके पोखर में डुबकी लगाते रहेंगे ! कुछ साल पहले  जब  गुजरात के अक्षरधाम मंदिर सहित   अन्य मजहबों के धर्म गुरुओं की रासलीलाओं  की सीडी  बाजार में आई तो    धर्म-मजहब से…

प्रधानमंत्री पर लगाए कांग्रेसी आरोपों के सही जवाब

प्रधानमंत्री पर लगाए कांग्रेसी आरोपों के सही जवाब

डॉ. मयंक चतुर्वेदी कुछ जवाब ऐसे होते हैं जो बिना कहे दिए जाते हैं,  जैसे भारतीय लोकतंत्र में जनता ने केंद्र में सरकार बदलकर दिया या भाजपा ने सरकार बनाने से पहले जो वायदे किए उस और जीत हासिल कर…

शीत सत्र से मजबूती पा सकता है विपक्ष

शीत सत्र से मजबूती पा सकता है विपक्ष

२४ नवम्बर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है जो २३ दिसंबर को समाप्त होगा| यह सत्र सरकार के लिए कई मायनों में ख़ास होगा| समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल (यू), जनता दल (एस) जैसे जनता…

एेसी ही है बाबाओं की दुनिया…!!

एेसी ही है बाबाओं की दुनिया…!!

तारकेश कुमार ओझा बाबाओं की रहस्यमय दुनिया से अपना सामना बचपन में ही हो गया था। हालांकि  तब का बचपन भविष्य और करियर नाम की चिड़िया को जानता तक नही था। बेटों का हाल भी बेटियों जैसा था। जो जैसे…

धर्मांतरण का कुचक्र

धर्मांतरण का कुचक्र

प्रवीण दुबे रोगी की सेवा, शिक्षा का दान और गरीब बेसहारा लोगों की सहायता करना बहुत श्रेष्ठ कार्य है इस सत्य को कोई नकार नहीं सकता, लेकिन सेवा, शिक्षा और सहायता के नाम पर एक धर्म विशेष का प्रचार करना,…

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