मुफलिसी की सरमाएदारी में अतुल्य भारत 

मुफलिसी की सरमाएदारी में अतुल्य भारत 

प्रणय विक्रम सिंह सौ में सत्तर आदमी फिलहाल जब नाशाद है, दिल पर हाथ रखकर कहिये देश क्या आजाद है? जनकवि अदम गोंडवी की ये पंक्तियां मौजूदा परिदृश्य में चरितार्थ होती दिख रही है। आज भारत में वैभव का आभास,…

क्या आप इस नरेंद्र मोदी को जानते थे !

क्या आप इस नरेंद्र मोदी को जानते थे !

संजय द्विवेदी एक हफ्ते में मीडिया और एनडीए सांसदों से संवाद करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस प्रचार की भी हवा निकालने की कोशिश की है कि वे संवाद नहीं करते या बातचीत से भागना चाहते हैं। एक ‘अधिनायकवादी फ्रेम’…

महर्षि की कमाई खाता आर्य समाज

महर्षि की कमाई खाता आर्य समाज

प्रेरक ‘हिन्दी प्रदीप (प्रयाग) ने स्वामी दयानंद जी महाराज के देहांत पर अपने श्रद्घा सुमन निम्न प्रकार अर्पित किये थे-”हा! आज  भारतोन्नति कमलिनी का सूर्य अस्त हो गया। हा! वेद का खेद मिटाने वाला सद्घैद्य गुप्त हो गया। हा! दयानंद…

हमारी शिक्षा नीति में सुधार की जरूरत

हमारी शिक्षा नीति में सुधार की जरूरत

अभिषेक कांत पांडेय किसी देश के विकास का अंदाजा लगाना हो तो उस देश की प्राइमरी शिक्षा व्यवस्था देखकर आप समझ सकते हैं कि इस देश का नींव, क्या चौतरफा और वास्तविक विकास प्राप्त कर सकता है। भारत के कई राज्यों में…

का्ंग्रेस को चाहिए गैर गांधी नेतृत्व

का्ंग्रेस को चाहिए गैर गांधी नेतृत्व

अभिषेक कांत पाण्डेय कांग्रेस की महाराष्ट्र और ​हरियाणा में हार के बाद गैर गांधी अध्यक्ष की आवश्यकता को चिदंबरम ने एक टीवी चैनल के साक्षात्कार में स्वीकार किया है। कांग्रेस की लोकसभा में करारी हार के बाद अब महाराष्ट्र और…

‘हमारा स्वर्णिम अतीत और देश की अवनति के कारणों पर विचार’

‘हमारा स्वर्णिम अतीत और देश की अवनति के कारणों पर विचार’

  ओ३म्                 संसार में वैदिक धर्म व संस्कृति सबसे प्राचीन है। इसका आधार चार वेद – ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद हैं। वेदों का लेखक कोई मनुष्य या ऋषि-मुनि नहीं अपितु परम्परा…

इन गद्दार सेकुलरिस्टों की आंखें कब खुलेंगी?

इन गद्दार सेकुलरिस्टों की आंखें कब खुलेंगी?

  पश्चिम बंगाल के बर्दवान में हुए बम धमाकों की जांच के सिलसिले में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जब बर्दवान जिले के खागड़ागढ़ पहुंचे, तो कुछ चौंकानेवाले तथ्य पूरे देश के सामने आये। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्फोट…

‘वर्तमान समाज में शूद्र संज्ञक कोई नहीं’

‘वर्तमान समाज में शूद्र संज्ञक कोई नहीं’

ओ३म् मनमोहन कुमार आर्य वेद एवं वैदिक साहित्य में मनुष्य समाज को गुण, कर्म तथा स्वभाव के अनुसार चार वर्णों ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र में वर्गीकृत किया गया था। गुण, कर्म व स्वभाव पर आधारित इस वैदिक वर्ण व्यवस्था…

काले धन की कोहरे में सरकार

काले धन की कोहरे में सरकार

काले धन के कोहरे फिर से लोकतांत्रिक वातावरण को अपने आगोश में लेने लगी हैं। भारत जैसे देश में जहां अदने से मामलें में न्यायालयों में दशकों उठक पटक लगती हो वहां लाखों करोड़ के कालेधन छुपाने वाले देश के…

समाज में निहित है ‘हेट स्पीच’

समाज में निहित है ‘हेट स्पीच’

राजीव यादव चुनाव आए और गए पर सवाल उन विवादास्पद सवालों का है जिनसे ‘हेट स्पीच’ के नाम से हम परिचित होते है। हेट स्पीच से हमारा वास्ता सिर्फ चुनावों में ही नहीं होता पर यह जरुर है कि चुनावों…

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