• हिंदी – वर्तनी, लिपि और उच्चारण

    -बीएन गोयल- प्रवक्ता में कुछ दिनों से हिंदी के बारे में एक अच्छी, लम्बी और सार्थक चर्चा चल रही है। डॉ. मधुसूदन ने अपने लेखों में हिंदी और अगंरेज़ी भाषाओं की तुलना इन की वर्तनी, लिपि और उच्चारण के आधार पर की है। उन का विश्लेषण वास्तव में तार्किक और प्रशंसनीय ... Read more »
  • एक पाती राहुल बबुआ के नाम

    -विपिन किशोर सिन्हा- प्रिय राहुल बबुआ, जब से तुम्हारी पार्टी लोकसभा का चुनाव हारी, हम सदमे में चले गये। उत्तराखण्ड में हुए उपचुनाव में तीनों विधान सभा की सीटें कांग्रेस ने जीत ली है। इस खबर से इस मुर्दे में थोड़ी जान आई है। इसीलिये आज बहुत दिनों के बाद एक पाती ... Read more »
  • गरीबी का माखौल

    -अरविंद जयतिलक- रंगराजन कमेटी ने गरीबी का जो नया मापदंड गढ़ा है वह गरीबों के प्रति उसकी क्रूरता और संवेदनहीनता को ही अभिव्यक्त करता है। कमेटी ने सरकार को सुझाव दिया है कि षहरों में रोजाना 47 रुपए और गांवों में रोजाना 32 रुपए से कम खर्च करने वाले लोगों को ... Read more »
  • अगर वो रोज़ेदार ना भी होता तो क्या सांसद को ये अधिकार है?

    -इक़बाल हिंदुस्तानी- -मोदी के राज में हिंदूवादी सोच के लोग आपे से बाहर हो रहे हैं!- महाराष्ट्र सदन में शिवसेना के उग्र सांसद रंजन विचारे ने खराब खाना मिलने पर आईआरसीटीसी के कर्मचारी से जो अभद्र व्यवहार किया, वह उस कर्मचारी के मुस्लिम होने और उसका रोज़ा होेने और यह बात बताने ... Read more »
  • ये मुट्ठी भर लोग

    -बीनू भटनागर- इन मुट्ठी भर लोगों के, भड़काने और बहकाने से, क्यों राम के भक्त और अल्लाह के बन्दे, मरने मारने पर, आमदा हो जाते हैं! कभी मुज़्जफ़रनगर तो कभी, सहारनपुर जलाते हैं। चंद नेता और कुछ कट्टरवादी (अ)धार्मिक तत्व, कैसे मजबूर कर देते हैं, अपनो को अपनो का ख़ून बहाने को, सिर्फ इसलियें कि एक तिलक लगाता है, और दूसरा जालीदार टोपी पहनता ... Read more »

हिंदी – वर्तनी, लिपि और उच्चारण

-बीएन गोयल- प्रवक्ता में कुछ दिनों से हिंदी के बारे में एक अच्छी, लम्बी और सार्थक चर्चा चल रही है। डॉ. मधुसूदन ने अपने लेखों में हिंदी और अगंरेज़ी भाषाओं की तुलना इन की वर्तनी, लिपि और उच्चारण के आधार…

एक पाती राहुल बबुआ के नाम

-विपिन किशोर सिन्हा- प्रिय राहुल बबुआ, जब से तुम्हारी पार्टी लोकसभा का चुनाव हारी, हम सदमे में चले गये। उत्तराखण्ड में हुए उपचुनाव में तीनों विधान सभा की सीटें कांग्रेस ने जीत ली है। इस खबर से इस मुर्दे में…

गरीबी का माखौल

-अरविंद जयतिलक- रंगराजन कमेटी ने गरीबी का जो नया मापदंड गढ़ा है वह गरीबों के प्रति उसकी क्रूरता और संवेदनहीनता को ही अभिव्यक्त करता है। कमेटी ने सरकार को सुझाव दिया है कि षहरों में रोजाना 47 रुपए और गांवों…

अगर वो रोज़ेदार ना भी होता तो क्या सांसद को ये अधिकार है?

-इक़बाल हिंदुस्तानी- -मोदी के राज में हिंदूवादी सोच के लोग आपे से बाहर हो रहे हैं!- महाराष्ट्र सदन में शिवसेना के उग्र सांसद रंजन विचारे ने खराब खाना मिलने पर आईआरसीटीसी के कर्मचारी से जो अभद्र व्यवहार किया, वह उस…

ये मुट्ठी भर लोग

-बीनू भटनागर- इन मुट्ठी भर लोगों के, भड़काने और बहकाने से, क्यों राम के भक्त और अल्लाह के बन्दे, मरने मारने पर, आमदा हो जाते हैं! कभी मुज़्जफ़रनगर तो कभी, सहारनपुर जलाते हैं। चंद नेता और कुछ कट्टरवादी (अ)धार्मिक तत्व,…

यूपी में दंगों के पीछे कहीं सोची समझी साजिश तो नहीं

-रमेश पाण्डेय- आखिर क्या बात है कि उत्तर प्रदेश बार-बार दंगों की चपेट में आ रहा है। जिस प्रदेश के लोगों ने अपना सबकुछ खोकर अमन का पैगाम दिया है, उसे प्रदेश के चुनिंदा शहरों में हो रहे दंगे क्या…

भारत में भारतीय भाषाओं का सम्मान और विकास

hindi_bhasha

-प्रोफेसर महावीर सरन जैन- राजतंत्र में, प्रशासन की भाषा वह होती है जिसका प्रयोग राजा, महाराजा और रानी, महारानी करते हैं। लोकतंत्र में, ´राजभाषा’ शासक और जनता के बीच संवाद की माध्यम होती है। लोकतंत्र में, हमारे नेता चुनावों में…

न्यायपालिका में सिद्धांत से समझौता

-प्रमोद भार्गव- संदर्भः पूर्व न्यायमूर्ति काटजू का बयान विधायिका और कार्यपालिका में सिद्धांत और नैतिकता से समझौते रोजमर्रा के विशय हो गए हैं। यही वजह है कि संसद और विधानसभाओं में दागियों की भरमार है और भ्रष्टाचार ने सभी हदें…

ब्रिक्स की उपलब्धियां और चुनौतियां

-अरविंद जयतिलक- उभरती विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के सशक्त समूह ब्रिक्स का छठा शिखर सम्मेलन ब्राजील के समुद्र तटीय शहर फोर्टलेजा में संपन्न हो गया। अच्छी बात है कि सदस्य देशों ने ब्रिक्स विकास बैंक और आकस्मिक निधि की स्थापना के एलान…

अब कांग्रेस नटवर सिंह की आने वाली किताब से डरी

-आदर्श तिवारी- कांग्रेस इस लोकसभा चुनाव के बाद पूरी तरह बिखर चूंकि हैं. इस चुनाव से भी कांग्रेस से कुछ नहीं सिखा. अब कांग्रेस इस डर में हैं कि कहीं नटवर सिंहकी आने वाली किताब भी कहीं पार्टी को और…

बिहार की राजनीति में मानसून ऑफर

-हिमांशु शेखर झा- सावन के इस मानसून में ब्रांडेड कंपनियों की तरह आज कल बिहार के राजनीति में भी ‘ऑफर” चल रहा है. एक सुबह एक दैनिक अख़बार के मुख्य पृष्ट का मुख्य समाचार था ‘राजद को जदयू का ऑफर…

तुर्की का राष्ट्रपति चुनाव! पीएम, राष्ट्रपति का उम्मीदवार

-फख़रे आलम- तुर्की की राजनीति इतिहास का यह एक अनोखा अध्याय होगा, जब तुर्की की राजनीति का सर्वेसर्वा तुर्कों के राष्ट्रपति होंगे। राष्ट्रपति के चुनावी प्रक्रिया में आई बेसुमार बाधओं के पश्चात् तुर्की में राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू…