आखिर में क्या लिखू ??

आखिर में क्या लिखू ??

लिखना बहुत कुछ चाहती हूँ पर आखिर में क्या लिखूं !! जीत लिखू या हार लिखूं या दिल के सारे जज्बात लिखूं आपनो के प्यार का एहसास लिखूं या सपनो की सोगात लिखूं।। वो पल में बीते साल लिखूं या सदियों लम्बी रात लिखूं वो उगता…

आतंकियों को अच्छे बुरे वर्गों में बाँटने का परिणाम

आतंकियों को अच्छे बुरे वर्गों में बाँटने का परिणाम

पेशावर का पैशाचिक कृत्य, आतंकियों को अच्छे बुरे वर्गों में बाँटने का परिणाम – डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री   पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर प्रदेश के पेशावर शहर में इस्लामी आतंकवादियों ने वहाँ के सैनिक स्कूल पर हमला करके अध्यापकों और बच्चों…

विश्व हिन्दू परिषद् का विराट हिन्दू सम्मेलन

विश्व हिन्दू परिषद् का विराट हिन्दू सम्मेलन

21दिस. भोपाल में विराट हिन्दू सम्मेलन पर विशेष – 5 विराट हिन्दू सम्मेलनों विहिप लिखेगा नई कथा आज 21 दिस. को भोपाल में विश्व हिन्दू परिषद् का विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित है. विहिप ने अपनें स्वर्ण जयंती वर्ष में इस…

आसमान

आसमान

पीछे डर आगे विरान है, वंचित का कैद आसमान है जातीय भेद की, दीवारों में कैद होकर सच ये दीवारे जो खड़ी है आदमियत से बड़ी है । . कमजोर आदमी त्रस्त है गले में आवाज़ फंस रही है मेहनत…

खाली पेट का सपना, कब आयेगा कालाधन

खाली पेट का सपना, कब आयेगा कालाधन

अभिषेक कांत पांडेय एक सपना अपना भी स्विस बैंक में हो खाता अपना, बस 5०० रूपये से ही खुल जाए तो अच्छा है कम से कम हम भी सीना तान कहेंगे, स्विस बैंक में ईमानदारी की कमाई से 5०० का…

सभी साम्प्रदायिक गटर में कूंदे यह जरूरी तो नहीं !

सभी साम्प्रदायिक गटर में कूंदे यह जरूरी तो नहीं !

    शरीफ -शराफत नहीं  दिखायेंगे यह  जरुरी  तो नहीं। उनपर यकीन न  किया जाए  यह जरुरी तो नहीं।। कितने अंगुलिमाल हो चुके हैं बुद्धम शरणम गच्छामि , इनको  कभी अक्ल नहीं आएगी यह  जरूरी तो नहीं। चोर-उचक्के–हत्यारे -व्यभिचरी भी करते हैं हज यात्रा , दीनो -ईमान…

खूँटी पर टंगी ज़िन्दगी

खूँटी पर टंगी ज़िन्दगी

  टांग दी जाती हैं ज़िन्दगियाँ खूटियों पर जो गड़ी हैं भीतर तक भीत पर। मुँह अंधेरे ही निकाल ली जाती हैं इनके भीतर की मशीनें और लगा दी जाती हैं बर्तन मांजने, झाड़ू पोछा घर आँगन, सहन लीपने-पोतने में।…

गोरक्षा युक्ति प्रमाण सिद्ध मनुष्य धर्म है

गोरक्षा युक्ति प्रमाण सिद्ध मनुष्य धर्म है

ओ३म् मनुष्य का धर्म क्या है व अधर्म किसे कहते हैं? आज का शिक्षित मनुष्य स्वयं को सभ्य कहता है परन्तु उसे यह पता ही नहीं की धर्म क्या है और अधर्म क्या है? हमें लगता है कि आजकल अनेक…

पिता का प्यार

पिता का प्यार

पिता का प्यार खेल रही थी अपनी गुडिया से मेरी सह्जादी, बोली पापा घर पे रहना, आज गुडिया की हैं शादी, अखबारों की खबरों में, मै सुबह सुबह खोया था, पलियामेंट में एक, मंत्री का बेटा सोया था, पढ़ते हुए…

उन्हें  तो पाकिस्तान के नौनिहालों का  भी लहू चाहिए।

उन्हें तो पाकिस्तान के नौनिहालों का भी लहू चाहिए।

जिसने  कहा था ‘हम  लड़ेंगे हिंदुस्तान से- एक हजार साल तक’ जो -भारत पाकिस्तान को लड़ाकर , पाकिस्तान के दो टुकड़े करवाकर , लाखों बंगला देशियों  को मरवाकर , लाखों  पाकिस्तानियों को सरेंडर करवाकर , भारत -पाकिस्तान  में दुनिया के हथियार खपवाकर…

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