नासा के पृथ्वी लोक

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नासा के ये प्रमाणिक पृथ्वीलोक निःसंदेह हमारी भारतीय वैदिक संस्कृति में उल्लिखित अनेक लोकों यथा सत्यलोक या ब्रह्मलोक, तपो लोक, भृगु लोक, स्वर्ग लोक, इंद्र लोक, ध्रुव लोक, सप्तऋषि लोक, जन लोक या महर लोक, भूलोक, कर्मलोक, भुवर लोक, पाताल लोक आदि की पुष्टि करते हैं। नासा के पृथ्वीलोक इस उक्ति का कहीं न कहीं समर्थन सा करते प्रतीत होते हैं कि कल्पनाओं की उड़ानों में पंख यथार्थ के ही होते हैं।

अनन्त अंतरिक्ष की संभावनाएं और वेद

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राकेश कुमार आर्य   अंतरिक्ष अनंत है, और जितना अंतरिक्ष अनंत है-उतना ही वेद ज्ञान अनंत है। अनंत ही अनंत का मित्र हो सकता है। जो सीमाओं से युक्त है, सीमाओं में बंधा है, ससीम है, वही सांत है, उसके ज्ञान की अपनी सीमाएं हैं, परंतु ईश्वर ने हमें ‘मन’ नाम का एक ऐसा कंप्यूटर… Read more »

जिज्ञासा है, वैज्ञानिक उपलब्धियों का प्रतिफल

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संदर्भः- 28 फरवरी विज्ञान दिवस के अवसर पर विशेष प्रमोद भार्गव भारत में विज्ञान की परंपरा बेहद प्राचीन है। जिसे हम आज साइंस या विज्ञान कहते हैं, उसे प्राचीन परंपरा में पदार्थ विद्या कहा जाता था। देश के वैज्ञानिक नित नूतन उपलब्धियों से दुनिया को चैंका रहे है। विज्ञान के क्षेत्र में हमारी प्रगति अब… Read more »

विश्वविख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग को भारत के वास्तु वैज्ञानिक राजकुमार झांझरी की चुनौती

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विश्वविख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग को भारत के वास्तु वैज्ञानिक राजकुमार झांझरी की चुनौती ‘दी गार्डियन’ में “This is the most dangerous time for our planet” शीर्षक से प्रकाशित लेख के संदर्भ में स्टीफन हॉकिंग को भेजे पत्र का हिंदी अनुवाद ‘दी गार्डियन’ में “This is the most dangerous time for our planet” शीर्षक से प्रकाशित… Read more »

टेक्सास में हुई अद्भुत भ्रूण शल्यक्रिया का विश्लेषण

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देखा जाए तो अतिप्राचीन युग में भी भारत की चिकित्सा प्रणाली का उद्देश्य वृहत रुप से व्यापक और सर्वज्ञान पद्धति से परिपूर्ण था। ‘चरक संहिता’ सिर्फ भारत में ही नहीं, अपितु विदेशों में भी इसका अध्ययन किया जा रहा है। इसी आधार पर आज भी पाश्चात्य चिकित्सक इस बात को सार्वजनिकतौर पर बोलने से भले ही कतराते हों, परन्तु आंतरिकरुप से स्वीकार करते हैं कि चरक-सुश्रुत के काल में भारतीय चिकित्सा विज्ञान आधुनिक पश्चिमी चिकित्सा विज्ञान से कहीं अधिक आगे था।

“त्रिजनकीय प्रजनन तकनीकी” से जन्मा जार्डन बच्चा चिकित्साशास्त्र का क्रांतिवीर साबित हुआ

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डॉ. शुभ्रता मिश्रा यह कहानी जार्डन की एक दम्पत्ति की है, जिसे एक ऐसे वैज्ञानिक चमत्कार के माध्यम से 6 अप्रैल 2016 को पुत्र प्राप्त हुआ है, जिसे विज्ञान की भाषा में “3 पैरेंट टेक्निक” कहा जाता है। इन जार्डन माता-पिता के पुत्र को अब पाँच महिने हो चुके हैं और उसकी पूर्ण स्वस्थता ने… Read more »

अब होगा चंदा मामा के घर जाना साकार

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डॉ. शुभ्रता मिश्रा भारत में चाँद को सदैव चंदा मामा के नाम से ही पुकारा गया है। भारतीय संस्क़ति में बच्चों को मामा के घर जाने में बहुत आनंद आता है, क्योंकि मामा शब्द और उसका संबंध माँ से होता है। अब भारतीय बच्चों की चंदा मामा के घर जाने की अभिलाषा पूरी हो सकती… Read more »

जैविक कृषि : कृषि विचार मन्थन से अमृत तत्व

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किसी भी कार्य की दिशा में बढाया गया प्रथम कदम सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि प्रथम कदम मार्ग को प्रशस्त करता है। समय तथा हमारा जीवन हमसे अपेक्षा करता है कि हम स्वयं का ध्यान रखें तथा ध्यान हम तभी रख सकते हैं जब हमारा आहार शुध्द हो एवं शुध्द आहार के लिए कृषि… Read more »

हिंदी में उपलब्‍ध वि‍ज्ञान और तकनीकी साहि‍त्‍य और पाठ्यक्रम

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राहुल खटे प्राय: समझा जाता है कि, वि‍ज्ञान और तकनीकी की पढाई केवल अंग्रेजी में ही संभव है। ऐसी धारणा होना स्‍वाभावि‍क भी है क्‍योंकि हमारी शि‍क्षा प्रणाली में यही पढाया जाता है कि वि‍ज्ञान की पढाई केवल अंग्रेजी में ही हो सकती है। वि‍ज्ञान और हिंदी के सभी वि‍द्वान यही बताते हुए पाए जाते… Read more »

गुरुत्वाकर्षण तरंगों की खोज

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अमरीकी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगा लिया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक़ गुरुत्वाकर्षण तरंगों के पता लगने से ब्रह्मांड के बारे में समझ का नया युग शुरू होगा। प्रख्यात वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन के ‘जनरल रिलेटिविटी’ के सिद्धांत के मुताबिक़ गुरुत्वाकर्षण तरंगें रोशनी की रफ़्तार से यात्रा करती हैं। वैज्ञानिकों… Read more »