नेपाल एक बार फिर गृहयुद्ध की ओर

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नेपाल में मानवाधिकार बार-बार आरोपों के घेरे में घिरती रही है। और एक बार फिर सप्तरी कांड से मानवाधिकार के ऊपर प्रश्नचिह्न खड़ा हुआ है। सप्तरी कांड में जिस प्रकार शहीदों व घायलों को गोली लगी है उससे यह स्पष्ट हो जाता है कि नेपाली पुलिस नियम-कानून जानती ही नहीं है। या जानती है तो नियम-कानून को ताक पर रखकर वहां काम करती है। अधिकतर को कमर के ऊपर पेट, छाती, गर्दन, मस्तिश्क में गोली व चोट लगा है।

पाक-फौज कब कमर कसेगी?

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पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल महमूद अली दुर्रानी ने दो-टूक शब्दों में आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। वे दिल्ली में ‘इंस्टीट्यूट फार डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसीस’ के एक सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुंबई में हुआ हमला पाकिस्तान के आतंकवादियों ने ही किया था लेकिन उन्होंने साथ-साथ… Read more »

अमेरिका में नस्लीय हिंसा का विस्तार

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प्रमोद भार्गव प्रवासी मुक्त अमेरिका के मुद्दे पर चुनाव जीते डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अवसरों की भूमि माने जाने वाले अमेरिका में नस्लीय भेद हिंसा का रूप लेने लगा है। इस हिंसा के पहले शिकार दो भारतीय युवा इंजीनियर हुए। फिर साउथ कैरोलिना में भारतीय कारोबारी हर्निश पटेल की हत्या कर… Read more »

अरुणाचल पर चीन का बार-बार दुस्‍साहस नेहरू की देन

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चीन लगातार यह दावा पेश कर रहा है कि अरुणाचल प्रदेश चुंकि तिब्बत से लगा क्षेत्र है, इसलिए वह भारत का नहीं उसका हिस्‍सा है, जबकि सत्‍य यही है कि चीन का क्षेत्र तो तिब्‍बत भी नहीं है, वहां की निर्वासित सरकार भारत में शरणार्थी के रूप में इजरायलियों की तरह अच्‍छे दिन आने का इंतरजार करते हुए स्‍वतंत्र तिब्‍बत इस दिशा में विश्‍व जनमत तैयार करने के लिए प्रयास कर रही है।

ह्वाइट हाऊस में हिन्दू-विरोधी षड्यंत्र और हिन्दुओं में लोकप्रिय ट्रम्प

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मनोज ज्वाला पूरी दुनिया के सभी देशों को एक छडीबाज मास्टर की तरह स्वतंत्रता समानता लोतंत्र व मानवाधिकार का पाठ पढाते रहने वाला अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर तत्सम्बन्धी सहयोग समर्थन संरक्षण व वित्त-पोषण के बावत जो नीति-निर्धारण करता है, उसके भीतर का उसका निहितार्थ तमाम एशियाई देशों सहित भारत के विरूद्ध एक गहरे षड्यंत्र का… Read more »

रद्द-उल-फ़साद ही नहीं रद्द-उल-जिहाद भी ज़रूरी

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तनवीर जाफ़री पाकिस्तान में मानवता के हत्यारों का ख़ूनी खेल अब इस स्तर तक पहुंच गया है कि दुनिया के किसी भी कोने में यदि किसी प्रकार की आतंकी घटना की सूचना मिले तो प्रथम दृष्ट्या यही प्रतीत होगा कि यह घटना पाकिस्तान में ही घटी होगी। इस देश के हालात अब ऐसे हो चुके… Read more »

ट्रंप के पहले ग्रास में मक्खी!

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अपने यहां संस्कृत में कहा जाता है- ‘प्रथमाग्रासे मक्षिकापातः’ याने पहले ग्रास में ही मक्खी गिर गई। यही हुआ डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने पर। अभी अमेरिका का राष्ट्रपति बने, ट्रंप को एक महिना भी नहीं हुआ कि उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को इस्तीफा देना पड़ गया है। इसके पहले भी उनके कुछ छोटे-मोटे अफसरों… Read more »

ब्रिटेन में अंग्रेजी का विरोध

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक यह अपने आप में बड़ी खबर है कि ब्रिटेन के वैज्ञानिक अंग्रेजी के एकाधिकार के विरुद्ध आवाज उठा रहे हैं। युआन गोंजालीज़, विलियम सदरलैंड और तात्सुआ अमानो नामक वैज्ञानिकों ने एक विज्ञान-पत्रिका में लेख लिखकर इस बात पर नाराजी जाहिर की है कि आजकल विज्ञान संबंधी ज्यादातर शोधकार्य अंग्रेजी में होता है।… Read more »

अमेरिका चीन और विश्व शांति

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 राकेश कुमार आर्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अपने पद भार संभालने के दिन से ही वैश्विक राजनीति के समीकरणों में जोरदार परिवर्तन देखे जा रहे हैं। बराक ओबामा के काल में जहां रूस और अमेरिका के संबंधों में कुछ नरमी के संकेत देखे जा रहे थे वहीं चीन से भी अमेरिका कुछ दूरी… Read more »

ईरान पर ट्रंप का बरस पड़ना

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डा. वेद प्रताप वैदिक डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही अमेरिका और ईरान में फिर से तनाव बढ़ गया है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर कुछ नए प्रतिबंध लगा दिए हैं, क्योंकि ईरान ने एक प्रक्षेपास्त्र-परीक्षण कर लिया है। ईरान का कहना है कि इस परीक्षण से उसने किसी भी संधि का उल्लंघन नहीं किया… Read more »