प्रखर राष्ट्रवाद का प्रतीक इजराइल और मोदी  

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आज भारत को अमेरिका के पश्चात सबसे अधिक हथियार प्रदाय करनें वाला देश इजराइल है. कृषि क्षेत्र में भी इजराइल बहुत अग्रणी तकनीक वाला राष्ट्र है. इजराइल की कृषि तकनीक गजब की जल बचत की तकनीक है जिसकी आवश्यकता भविष्य में समूचे विश्व को पड़ने वाली है. कृषि क्षेत्र में भारत द्वारा बनाए जा रहे 26 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में से 15इजराइल के सहयोग से विकसित किये जा रहे हैं.

चीन की पैंतरेबाज़ी

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      चीन एक विस्तारवादी देश है। उसकी इस आदत के कारण उसके पड़ोसी सभी देश परेशान हैं। उसके विस्तारवाद के कारण ही विएतनाम, दक्षिण कोरिया, कंबोडिया और जापान परेशान हैं। रुस से भी उसका सीमा-विवाद वर्षों तक चला। दोनों देशों की सीमा पर स्थित ‘चेन माओ’ द्वीप को लेकर रुस और चीन के संबन्ध असामान्य… Read more »

ट्रम्प की फिसलपट्‌टी पर जरा संभलकर चलें

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अमेरिका जाने के पहले अंदेशा यह था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प उनसे पता नहीं कैसा व्यवहार करेंगे। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मोदी की जुगलबंदी ख्यात थी और ट्रम्प इस बात के लिए विख्यात हो गए हैं कि वे ओबामावाद को शीर्षासन कराने पर तुले हुए… Read more »

जब भारत ने चीनी सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया 

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इन दोनों चोटियों पर स्थित भारतीय सेना की आर्टिलरी ऑब्जरवेशन पोस्टों से चीनी क्षेत्र में बहुत गहरे तक भारतीय सेना निगाह रख सकती है जबकि जेलेला पास से चीन भारत पर बहुत काम नज़र रख सकता है! तो यहाँ भारतीय सेना लाभ की स्थिति में है! 
सितम्बर १९६७ में नाथुला पर दो ग्रेनेडियर्स कि टुकड़ी तैनात थी!यह बटालियन लेफ्टिनेंट कर्नल राय सिंह के कमांड में थी! और माउंटेन कमांड के अधीन थी जिसकी कमान ब्रिगेडियर एमएमएस बक्शी के हाथ में थी!

बिखरता हुआ अरब परिवार : क्या किसी दूसरे देश की है कूटनीति 

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स्वार्थ परिवारवाद और घर का झगड़ा सड़कों पर की कहावत आज छोटी सी बंद गलियों से निकलकर बड़ी जगहों पर फैल चुकी है, बल्कि ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि स्वार्थ ने अपने पैर पूरी दुनिया में फैला रखे हैं, कोई किसी का नहीं है, भाई-भाई का नहीं चचा भतीजे का नहीं, सत्ता की चाहत… Read more »

संसद पर हमला : पहले भारत अब ईरान बना निशाना

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भारत के मित्र देश पर भारत जैसा ही हमला आतंकवादियों ने किया है जैसा कि कुछ समय पहले आतंकवादियों ने भारत की संसद को निशाना बनाया था, अब उसी योजना को आतंकियों ने दोहराया है, जिसका निशाना ईरान की संसद को बनाया गया है, अवगत करा दें कि ईरान भारत का सबसे करीबी मित्र देश… Read more »

अस्थिरता ही नेपाल की पहचान

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक हमारा पड़ौसी देश नेपाल भारत के बड़े-बड़े प्रांतों से भी छोटा है लेकिन उसकी हालत यह है कि वहां हर साल एक नया प्रधानमंत्री आ जाता है। कोई भी प्रधानमंत्री साल दो साल से ज्यादा चलता ही नहीं है। पिछले दो प्रधानमंत्री तो एक-एक साल भी नहीं टिके। अब शेर बहादुर देउबा… Read more »

ईरान में आतंकः यह कैसा इस्लाम ?

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ईरान में सुन्नियों पर वहां की सरकार और आम जनता भी कड़ी नजर रखती है। खास तौर से तब जबकि वे अरब हों। उनके फारसी के अटपटे उच्चारण से ही वे तुरंत पहचाने जाते हैं। इसीलिए वहां आतंक की घटनाएं कम ही होती हैं लेकिन इस समय अरब देशों ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। ईरान समर्थक देश, क़तर, पर प्रमुख अरब देशों ने अभी-अभी तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए हैं।

अरब-संकटः सुषमा पहल करें

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अरब देश अपने आप को मुसलमान कहते हैं लेकिन उनका इस्लाम उन्हें आपस में जोड़ने की बजाय तोड़ रहा है। क़तर नामक देश के साथ सउदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमारात, बहरीन, लीब्या और यमन ने अपने सभी प्रकार के संबंध तोड़ लिये हैं। ये सभी इस्लामी देश हैं। क्यों तोड़े हैं, इन्होंने अपने संबंध… Read more »

जलवायु परिवर्तन समझौते को झटका

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ट्रंप की इस आत्मकेंद्रित मानसिकता का तभी अंदाजा लग गया था, जब इटली में दुनिया के सबसे धनी देशों के समूह जी-7 की शिखर बैठक में पेरिस संधि के प्रति वचनबद्धता दोहराने के संकल्प पर ट्रंप ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया था। ट्रंप ने तब जल्दी ही इस मसले पर अपनी राय स्पष्ट करने का संकेत दिया था। अब ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में भाषण देकर अपना मत तो साफ किया ही, साथ ही भारत और चीन पर आरोप लगाया कि इन दोनों देशों ने विकसित देशों से अरबों डाॅलर की मदद लेने की शर्त पर समझौते पर दस्तखत किए हैं।