क्यों न स्त्री होने का उत्सव मनाया जाए

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स्त्री ईश्वर की एक खूबसूरत कलाकृति !
यूँ तो समस्त संसार एवं प्रकृति ईश्वर की बेहतरीन
रचना है किन्तु स्त्री उसकी अनूठी रचना है , उसके दिल के बेहद करीब ।
इसीलिए तो उसने उसे उन शक्तियों से लैस करके इस धरती पर भेजा जो स्वयं उसके पास हैं मसलन प्रेम एवं ममता से भरा ह्दय , सहनशीलता एवं धैर्य से भरपूर व्यक्तित्व ,क्षमा करने वाला ह्रदय , बाहर से फूल सी कोमल किन्तु भीतर से चट्टान सी इच्छाशक्ति से परिपूर्ण और सबसे महत्वपूर्ण , वह शक्ति जो एक महिला को ईश्वर ने दी है , वह है उसकी सृजन शक्ति ।

धर्मांधों का मिथक को चकनाचूर करती भारत मां की बेटियां

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निर्मल रानी रियो ओलंपिक खेल समाप्त तो हो गए परंतु अपने पीछे यह खेल आयोजन खासतौर पर भारत के लिए एक ऐसा इतिहास रच गये जिसे देशवासी कभी भुला नहीं सकेंगे। वैसे ओलंपिक के इतिहास में 36 वर्षों में भारत को अब तक केवल एक ही स्वर्ण पदक मिल सका है। एक बार फिर भारत… Read more »

महिला समानता दिवस : 26 अगस्त

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डा- राधेश्याम द्विवेदी प्रत्येक वर्ष 26 अगस्त को महिला समानता दिवस मनाया जाता है। न्यूजीलैंड विश्व का पहला देश है, जिसने 1893 में महिला समानता की शुरुआत की। भारत में आज़ादी के बाद से ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार प्राप्त तो था, लेकिन पंचायतों तथा नगर निकायों में चुनाव लड़ने का क़ानूनी अधिकार… Read more »

कट्टरपंथियों को नहीं सुहाता महिलाओं का सुपर मॉडल बनना

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सुवर्णा सुषमेश्वरी अपने हॉट वीडियो और फोटो से इंटरनेट की दुनिया में तहलका मचाने वाली पाकिस्तान की सुपर मॉडल फौजिया अजीम उर्फ़ कंदील बलोच की उसके ही भाई के द्वारा हत्या कर दिए जाने की खबर से पाकिस्तान और मुस्लिम देशों में महिलाओं की स्थिति पर एक बार पुनः बहस शुरू हो गई है। पाकिस्तान… Read more »

घरेलू महिलाओं के अस्तित्व से जुड़े प्रश्न

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 ललित गर्ग  एक महिला एक कंपनी में काम करती है। निश्चित अवधि एवं निर्धारित दिनों तक काम करने के बाद उसे एक निर्धारित राशि वेतन के रूप में मिलती है। उसके इस कार्य को और उसके इस क्रम को राष्ट्रीय उन्नति के योगदान के रूप में देखा जाता है। यह माना जाता है… Read more »

चूल्हा, चौका तक सीमित नही महिलाएं

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देश में पुरूषों के कंधे से कंधा मिलाकर आज कल महिलाएं बड़ी कुशलता से काम कर रही है. घर परिवार को चलाने में बखूबी अपना हाथ बटाती हैं. बदलते दौर में महिलाएं पिछड़े जमाने की तरह घर में रहकर चूल्हा, चौका तक सीमित नही रहना चाहती. पति के जिम्मेदारियों को कम करने के लिए उनका… Read more »

क्रिकेट का स्त्री पक्ष

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क्रिकेट

राजेन्द्र बंधु क्‍या क्रिकेट सिर्फ पुरूषों का खेल हैॽ यह सवाल इसलिए सामने आया कि इन दिनों सबसे ज्‍यादा चर्चा पुरूषों के टी-20 क्रिकेट मैच की ही हो रही है, जबकि महिलाओं का टी-20 वर्ल्‍ड कप मैच भी इन्‍हीं दिनों चल रहे हैं। 27 मार्च को मोहाली में भारत और ऑस्ट्रेलिया के मैच से पहले… Read more »

हिन्दू धर्म में नारी के स्थान

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हिन्दू धर्म में नारी के स्थान

हिन्दू धर्म में नारी के स्थान को लेकर बहुत सी बातें कही जाती हैं अनेक विरोधाभासों से सामना होता है और कभी कभी संशय की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। दरअसल हिन्दू धर्म सनातन धर्म है और विश्व का सबसे पुराना धर्म भी है। अफसोस की बात है कि इसकी बेहद खुली एवं उदारवादी… Read more »

भारत में कन्याएँ, बालिकाएं एवम् महिलाएं : महिला दिवस

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वाजिद अली भारत विकसित राष्ट्र की तरफ अग्रसर है और आने वाले 25 से 30 सालों में उन देशों के सामने कठिन चुनौती रखने वाला है जो आर्थिक महाशक्ति की होड़ में सबसे आगे हैं,और यह तभी सम्भव है जब पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं का भी विकास के क्षेत्रों में अहम् योगदान हो,आज भारतीय महिलाओं… Read more »

कठिन है, महिला आरक्षण की डगर

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लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा बुलाए गए महिला विधायकों के राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे को उछालकर पिछले दो दशक से ठंडे बस्ते में पड़े मुद्दे को एक बार फिर हवा दे दी है। हालांकि संप्रग सरकार… Read more »