जीवित अन्त्येष्टि

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कभी कभार आपको ऐसी किताब मिल जाती है जो आपको चौंकाती है और जीवन के प्रति आकर्षण बढ़ाती है। पिछले दिनो एक किताब पढ़ने का अवसर मिला। किताब का नाम है Tuesdays with Morrie. यह किताब अमेरिका के मैसाचुसेट्स के ब्राण्डिस विश्वविद्यालय में सामाजिक मनोविज्ञान के प्रोफेसर मॉरी श्वार्ज़ की कहानी कहती है। मॉरी जीवन… Read more »

स्थानीय हिन्दू शासक भी लड़ते रहे अपना स्वतंत्रता संग्राम

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राकेश कुमार आर्य  सिकंदर लोदी बना सुल्तान बहलोल लोदी की मृत्यु जुलाई 1489 ई. में हो गयी थी। तब उसके पश्चात दिल्ली का सुल्तान उसका पुत्र निजाम खां सिकंदर दिल्ली का सुल्तान बना। उस समय दिल्ली सल्तनत कोई विशेष बलशाली सल्तनत नही रह गयी थी। उसके विरूद्घ नित विद्रोह हो रहे थे और सुल्तानों… Read more »

विश्व हिन्दी दिवस का हिन्दी के वैश्विक विस्तार में योगदान

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डॉ. शुभ्रता मिश्रा 10 जनवरी का दिन विश्व हिन्दी दिवस के रुप में मनाया जाना हर उस भारतवासी के लिए गौरव का विषय है, जो अपनी हिन्दी भाषा से सच्चा प्रेम करता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माता, अपनी मातृभूमि और अपनी मातृभाषा से प्राकृतिक रुप से प्रेम होता है। इसे जताने की आवश्यकता नहीं… Read more »

अत्याचारों की करूण गाथा के उस काल में भी आशा जीवित रही

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राकेश कुमार आर्य   सिकंदर के शासन काल में हिंदुओं की स्थिति कश्मीर में सिकंदर का शासन और हिंदुओं की स्थिति इस प्रकार थी कि सिकंदर का शासन मानो खौलते हुए तेल का कड़ाह था और हिंदू उसमें तला जाने वाला पकौड़ा। ऐसी अवस्था में बड़ी क्रूरता से हिंदुओं से जजिया वसूल किया जाता था।… Read more »

जब कश्मीर के राजा जशरथ ने बढ़ाया भारत का ‘यश’ रथ

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राकेश कुमार आर्य संसार एक सागर है संसार एक सागर है, जिसमें अनंत लहरें उठती रहती हैं। ये लहरें कितने ही लोगों के लिए काल बन जाती हैं, तो कुछ ऐसे शूरवीर भी होते हैं जो इन लहरों से ही खेलते हैं और खेलते-खेलते लहरों को अपनी स्वर लहरियों पर नचाने भी लगते हैं। ऐसा संयोग इतिहास… Read more »

तैमूर लंग को किसने हराया?

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डॉ विवेक आर्य हिन्दू समाज ने एकजुट होकर अक्रान्तायों का न केवल सामना किया अपितु अपने प्राणों की बाजी लगाकर उन्हें यमलोक भेज दिया। तैमूर लंग के नाम से सभी भारतीय परिचित है। तैमूर के अत्याचारों से हमारे देश की भूमि रक्तरंजित हो गई। उसके अत्याचारों की कोई सीमा नहीं थी। तैमूर लंग ने मार्च… Read more »

चौसठ योगिनी मंदिर, जिसकी अनुकृति से भारतीय संसद भवन बना है

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डा. राधेश्याम द्विवेदी योगाभ्यास करने वाली स्त्री को योगिनी या योगिन कहा जाता है। पुरुषों के लिए इसका समानांतर योगी है। अष्ट या चौंसठ योगिनियां प्रायः आदिशक्ति मां काली का अवतार या अंश होती है। घोर नामक दैत्य के साथ युद्ध करते हुए माता ने उक्त चौंसठ चौंसठ अवतार लिए थे । यह भी माना… Read more »

भारतीय समाज की विविधता का इतिहाय बयां करता फिल्मी दुनियां का सफर….

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-अनिल अनूप हिंदी सिनेमा का बीते सालों का इतिहास हम से बहुत कुछ कहता है । यह सिर्फ हिंदी सिनेमा का इतिहास नहीं अपितु भारतीय समाज के आर्थिक,सांस्कृतिक,धार्मिक एवं राजनीतिक नीतियों,मूल्यों और स्ंवेदनाओं का ऐसा इंद्र्धनुष है जिसमें भारतीय समाज की विविधता उसकी सामाजिक चेतना के साथ सामने आती है । भारतीय समाज का हर… Read more »

अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल और उनके तीन शहीद साथियों को सादर नमन और श्रद्धांजलि’

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-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। आज ऋषि दयानन्द के शिष्य और आर्यसमाज के अनुयायी अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल जी और उनके तीन साथी रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां तथा राजेन्द्र सिंह लाहिड़ी का शहीदी दिवस अर्थात् पुण्य तिथि है। इन चार देशभक्त सपूतों को सन् 1927 में गोरखपुर की जेल में आज ही के दिन… Read more »

क्या आप अकबर के नवरत्नों को जानते हैं :?

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क्या आप अकबर के नवरत्नों को जानते हैं, आइये, मैं बताता हूं डा.राधेश्याम द्विवेदी सिर्फ किस्सागोई नहीं:-इतिहास किसी ग्रंथ में उल्लखित विवरणों की पुष्टि मात्र नहीं होता है, अपितु तत्कालिक परम्परा, मान्यता, कला, संस्कृति तथा समाज मे फैली धारणाओं का संवाहक भी होता है। आगरा मुगलकाल की सर्वाधिक समय तक राजधानी रही है। बहुत ही… Read more »