खबरों के खजाने का सूखाग्रस्त क्षेत्र …!!

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तारकेश कुमार ओझा ब्रेकिंग न्यूज… बड़ी खबर…। चैनलों पर इस तरह की झिलमिलाहट होते ही पता नहीं क्यों मेरे जेहन में कुछ खास परिघटनाएं ही उमड़ने – घुमड़ने लगती है। मुझे लगता है यह ब्रेकिंग न्यूज देश की राजधानी दिल्ली के कुछ राजनेताओं के आपसी विवाद से जुड़ा हो सकता है या फिर किसी मशहूर… Read more »

चोरी और डकैती का लाइसेंस  

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सच कहूं, मैं कपिल सिब्बल से बहुत प्रभावित हूं। यद्यपि मेरी उनसे आज तक भेंट नहीं हुई। भगवान न करे कभी हो। चूंकि वकील, डॉक्टर और थाने के चक्कर में एक बार फंसे, तो जिंदगी भले ही छूट जाए, पर ये पिंड नहीं छोड़ते। हमारे प्रिय शर्मा जी ने जवानी में डेढ़ साल कानून की… Read more »

अथ श्री आलोचक कथा

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वे आलोचक है, अभी से नहीं, तभी से, मतलब जब से उनके धरती पर अवतरित होने की दुर्घटना हुई थी तब से। यहाँ तक की उन्होंने अपने अवतरित होने की भी आलोचना कर दी थी। वो आलोचना खाते, पीते, ओढ़ते और बिछाते है। उनकी रग- रग में आलोचना समाई हुई है। वो कर्मयोगी भी है,… Read more »

नयेपन की डिमांड और अलग तरह की राजनीती

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आम आदमी के नाम पर बनी पार्टी ने मतदाता के एंटरटेनमेंट का पूरा ख्याल रखा है । आम आदमी पार्टी (“आप”) ने लोकतंत्र की नीरसता को ना केवल दूर करने का काम किया है बल्कि दूरदर्शी राजनैतिक मूल्यों की स्थापना करने में भी महती भूमिका निभाई है। आप पर कोई भ्रष्टाचार का आरोप लगाए उससे पहले ही आप सबको भ्रष्टाचारी घोषित कर स्वयं को ईमानदारी का एकमात्र मसीहा घोषित कर दो। इससे ना तो आप की ईमानदारी साबित होती है और ना ही दूसरे की बेईमानी लेकिन टाइमपास अच्छा हो जाता है और मुँह बाए खड़ी सैंकड़ो समस्याओ के बावजूद सबका मूड फ्रेश रहता है।

दूर के रसगुल्ले , पास के गुलगुले …!!

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तारकेश कुमार ओझा इसे जनसाधारण की बदनसीबी कहें या निराशावाद कि खबरों की आंधी में उड़ने वाले सूचनाओं के जो तिनके दूर से उन्हें रसगुल्ले जैसे प्रतीत होते हैं, वहीं नजदीक आने पर गुलगुले सा बेस्वाद हो जाते हैं। मैगों मैन के पास खुश होने के हजार बहाने हो सकते हैं, लेकिन मुश्किल यह कि… Read more »

चूहा साहित्य में नया अध्याय 

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आजकल शायद ही कोई बच्चा हो, जो टी.वी. पर चालाक चूहे और खूंखार बिल्ले वाली ‘टॉम और जैरी’ की कार्टून कथा न देखता हो। वैसे समय काटने के लिए कई बूढ़े भी इसे देखते हैं। ये कार्टून कथा तो विदेशी है; पर इससे हजारों साल पूर्व पंचतंत्र और अन्य भारतीय कथा साहित्य में चूहों की… Read more »

साडी रसोई १०/- और सादी रसोई ५/- में …….

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पंजाब दे कैप्टन उर्फ़ महाराजा साहेब अर्थात सदर ऐ रियासत ने पंजाब के गरीबों को भरपेट भोजन देने का वायदा किया था और वह भी महज़ ५ रुप्प्या में ….. जब सदर ने रियासत की जेब टटोली तो राजकुमार की जेब की मानिंद ‘फटी ‘ हुई निकली …… एक जद्दी एडवाइज़र को बुलाया …. हल… Read more »

अब चुहे बने शराबी : वाह रे बिहार पुलिस

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इन चूहों ने रात के घोर अंधेरे का फायदा उठाया, योजना बनाई तथा बड़ी चतुराई पूर्वक सभी बिन्दुओं पर गंभीरता पूर्वक विचार किया तथा योजना बद्ध तरीके से इस बड़े कार्य को सफलता पूर्वक अंजाम दिया। क्योंकि यह मामला पुलिस विभाग से संबंधित था, अत: इस संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए बड़ी चतुराई के साथ रात के घोर अंधेरे का फायदा उठाते हुए थानों के पिछले द्वार से प्रवेश किया क्योंकि थाने के मुख्य द्वार पर एक पुलिस वाला पहरा दे रहा था, जो संगीन के साथ पूरी मजबूती से खड़ा हुआ था, इसी कारण चूहों ने पिछले द्वार से प्रवेश की योजना बनाई, जिसके सहारे शराब के भंडार गृह तक योजना बद्ध तरीके से पहुंच गए।

तुच्छता से स्वच्छ्ता की और 

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स्वच्छ भारत अभियान के सर्वे में सबसे स्वच्छ शहरो में इंदौर पहले और भोपाल दूसरे नंबर पर आया है, ये दोनों शहर बीजेपी शासित राज्य मध्यप्रदेश में आते है, वैसे 2014 में सरकार बनने के बाद बीजेपी नेताओ ने अपने बयानों से जैसी गंदगी फैलाई है उसे देखते हुए ये काफी अप्रत्याशित लगता है। यह… Read more »

ऋषि मुनियों के देश में , अब अऋषि  रहे ना कोय

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जग मोहन ठाकन   बाबा रामदेव जी महाराज को आप चाहे योग गुरु कहें या संयोग गुरु ; उनके “ गुरु” होने में कोई संदेह नहीं रह गया  है .बल्कि  महागुरू का ताज भी उनके मस्तक पर छोटा प्रतीत होता है .  हाँ , इतना भी निश्चित मानिये कि वो समय की नजाकत और नब्ज… Read more »