Archive for the Category ‘व्यंग्य’
हास्य-व्यंग्य – ऋतुओं का सुपर स्टारःवसंत
पंडित सुरेश नीरव
कलैंडर के हेलीकॉप्टर से उतरकर ऋतुओं का सुपर स्टार ऋतुराज वसंत धरती पर उतर आय़ा है। शोखियों की क्रीम और रोमांस के पाउडर से लिपी-पुतीं सजी-संवरीं कलियां वसंत को देख-देखकर- वाओ..हाऊ क्यूट-जैसे जुमलों को मादक सिसकियों में ढालकर बिंदास वसंत को रिझाने में लग गई हैं। एअरपोर्ट पर नेता के स्वागत में ...व्यंग्य कविता ; काम वालियां – प्रभुदयाल श्रीवास्तव
काम वालियां
नहीं कामपर बर्तन वाली
दो दिन से आई
इसी बात पर पति देव पर
पत्नि चिल्लाई
काम वालियां कभी समय
पर अब न आ पातीं
न ही ना आने का कारण
खुलकर बतलातीं
बिना बाइयों के घर तो
कूड़ाघर हो जाता
बड़ी देर से कठिनाई से
सूर्य निकल पाता
छोटी बच्ची गिरी फिसल कर
सभटल नहीं पाई
बिना बाई के कौन पतीली
चाय भरी ...क्या राजनीतिज्ञों का नार्को और डी.एन.ए. परिक्षण अनिवार्य होना चाहिए……!
विनायक शर्मा
एक गंभीर राजनैतिक व्यंग
डी.एन.ए. और नार्को -परिक्षण , गाहे-बगाहे कहीं न कहीं समाचारों में यह शब्द पढने-सुनने में आ ही जाते हैं. जीवित कोशिकाओं के गुणसूत्रों में पाए जाने वाले तंतुनुमा अणु को डी-ऑक्सीराइबो न्यूक्लिक अम्ल या डीएनए कहते हैं. इसमें अनुवांशिक कूट या जेनेटिक कोड निबद्ध रहता है. ...

















