विविध रूपों में मनाया जाता है मकर संक्रान्ति

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अनिल अनूप मकर संक्रांति हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। चाहे वह महाभारत के समय की बात हो या फिर रामायण काल की बात हो या फिर अन्य पौराणिक ग्रन्थ हो, कहीं न कहीं मकर संक्राति का किसी न किसी रूप में वर्णन मिलता है। गोस्वामी तुलसी दास जी श्री रामचरित्र मानस में लिखते है- माघ… Read more »

रोग, राग, दुःख और दरिद्रता के निवारणार्थ स्कन्द षष्ठी व्रत

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अशोक “प्रवृद्ध” भारतीय सांस्कृतिक चिन्तन में जहाँ भगवान शिव आत्मा तत्त्व या सृष्टि के केंद्र विन्दु के रूप में स्वीकार किये जाते हैं , वहीं उनकी अर्धागिनी माता पार्वती शक्ति का शिखर बिन्दु मानी जाती हैं। पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार आत्मा रूपी सत्य और शक्ति के संयोग से ही सृष्टि गतिशील होती है तथा आत्मा… Read more »

आइये जानें वर्ष 2017 के सम्पूर्ण व्रत एवं त्योहार

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जानिए जनवरी 2017 महीने के व्रत, पर्व एवम त्यौहार:– 1, रविवार अंग्रेजी नव वर्ष 3, मंगलवार शुक्ल पंचमी 8, रविवार पुत्रदा एकादशी 12, गुरुवार पौष पूर्णिमा 14, शनिवार मकर संक्रांति 15, रविवार गणेश चतुर्थी 17, मंगलवार कृष्ण पंचमी 23, सोमवार षटतिला एकादशी, 24, शनिवार व्रत पूर्णिमा 27, शुक्रवार मौनी अमावश्या फरवरी 2017 1, बुधवार वसंत… Read more »

छठ पर्व इतिहास और महत्व

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छठ त्यौहार का धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी बहुत महत्व माना गया है। षष्ठी तिथि (छठ) एक विशेष खगौलीय अवसर होता है। इस समय सूर्य की पराबैगनी किरणें पृथ्वी की सतह पर सामान्य से अधिक मात्रा में एकत्र हो जाती हैं। उसके संभावित कुप्रभावों से रक्षा करने का सामर्थ्य इस परंपरा में रहा है। छठ व्रत नियम तथा निष्ठा से किया जाता है।भक्ति-भाव से किए गए इस व्रत द्वारा नि:संतान को संतान सुख प्राप्त होता है।

अंधेरे पर प्रकाश की जीत का पर्व है दीपावली

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दीपावली का धार्मिक ही नहीं, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व भी है. दीपावली पर खेतों में खड़ी खरीफ़ की फसल पकने लगती है, जिसे देखकर किसान फूला नहीं समाता. इस दिन व्यापारी अपना पुराना हिसाब-किताब निपटाकर नये बही-खाते तैयार करते हैं.

असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक का विजयादशमी

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अपने देश में आज भी आसुरी शक्तियां सक्रिय हैं जो देशविरोधी गतिविधियां चला रही हैं। इन सभी प्रकार की शक्तियों का विनाश करने के लिए प्रत्येक को अपने अंदर की बुद्धि, भावना एवं शक्ति को केंद्रित करना होगा ताकि अपने समाज और देश को सुखी ,वैभवशाली और विजयी जीवन प्राप्त हो सके। विजयदशमी के पर्व से विजय की अदम्य प्रेरणा उत्पन्न होती है। 

सांस्कृतिक एकता की प्रतीक विजयदशमी

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डॉ. सौरभ मालवीय भारत एक विशाल देश है. इसी भौगोलिक संरचना जितनी विशाल है, उतनी ही विशाल है इसकी संस्कृति. यह इस भारत की सांस्कृतिक विशेषता है ही है कि कोई भी पर्व समस्त भारत में एक जैसी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाता है, भले ही उसे मनाने की विधि भिन्न हो. ऐसा… Read more »

जानिए कब और कैसे मानेगा करवा चौथ वर्ष 2016 में….

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करवा चौथ का त्यौहार महिलाओं द्वारा पूरे भारत के साथ-साथ विदेशों में भी बुधवार, 19 अक्टूबर 2016 को मनाया जाएगा। इस दिन चन्द्रमा वृषभ राशि में और रोहिणी नक्षत्र रहेगा | दरअसल करवा चौथ मन के मिलन का पर्व है. इस पर्व पर महिलाएं दिनभर निर्जल उपवास रखती हैं और चंद्रोदय में गणेश जी की… Read more »

स्त्री-शक्ति के नौ रूप

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देवी दुर्गा के रूप शक्ति, स्त्रीत्व और समृद्धि के प्रतीक है। इन स्वरूपों की पूजा करते हुए स्त्री रूपी इन देवियों के भव्य रूप हमारी चेतना में उपस्थित रहते हैं। इन्हें शक्ति रूप इसलिए कहा जाता है, क्योंकि जब सृष्टि के सृजन काल में देव पुरुष दानवों से पराजित हुए, तो उन्हें राक्षसों पर विजय के लिए दुर्गा से अनुनय करना पड़ा।

गणेश चतुर्थी -भारतीय संस्कृति में सर्वाधिक लोकप्रिय महापर्व

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गणेश चतुर्थी-गणेश भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं, वे सात्विक देवता हैं और विघ्नहर्ता हैं । वे न केवल भारतीय संस्कृति एवं जीवनशैली के कण-कण में व्याप्त है, बल्कि विदेशों में भी घर-कारों-कार्यालयों एवं उत्पाद केन्द्रों में विद्यमान हैं । हर तरफ गणेश ही गणेश छाए हुए है । मनुष्य के दैनिक कार्यों में सफलता,… Read more »