आखिर कितनी लड़ाईयां और लड़नी पडेंग़ीं जन्मभूमि के लिए?

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– विनोद बंसल हमारे ऋषियों मनीषियों ने माता व मातृभूमि को स्वर्ग के समान संज्ञा देते हुए सर्वोच्च माना है। ”जननी जन्म भूमिश्च, स्वर्गादपि गरीयसी” इस वाक्य के आधार पर अनगिनत लोग बिना किसी कष्ट या अवरोधों की परवाह किये, मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्योछावर कर गये। मातृभूमि का अर्थ उस भू भाग से… Read more »