लेखक परिचय

अनिल अनूप

अनिल अनूप

लेखक स्‍वतंत्र टिप्‍पणीकार व ब्लॉगर हैं।

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अनिल अनूप
जॉन प्रकाश राव उर्फ़ जॉनी लीवर एक भारतीय कॉमेडियन अभिनेता हैं। वह हिंदी सिनेमा में अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए प्रसिद्ध हैं। जॉनी लीवर भारत के पहले स्टैंड कॉमेडियन हैं जिन्हें अब तक 13 बार फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। जॉनी बॉलीवुड में अब तक साढ़े तीन सौं से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं।
जॉन लीवर का जन्म आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले मे सन 14 अगस्त 1956 में हुआ था। जॉनी लीवर हिन्दी फिल्म के एक प्रसिद्ध हास्य अभिनेता है।लीवर के पिता प्रकाश राव जनमूला हिंदुस्तान लीवर फैक्ट्री में काम करते थे। जॉनी लीवर का बचपन मुंबई के धारवी इलाके बिता। वह अपने घर में तीन बहनों और दो भाईयोँ में सबसे बड़े हैं। जॉनी लीवर का जन्म एक बेहद ही गरीब परिवार में हुआ था। घर में बड़े होने के कारण घर की स्थिति को समझते हुए जॉनी भी अपने पिता के साथ हिन्दुस्तान लीवर फैक्ट्री में काम करने लगे। इसी दौरान उन्हें अपनी कॉमेडी प्रतिभा को निखारने का मौका मिला। वह खाली समय में अपने को-वर्करस को अपनी कॉमेडी से हँसाते थे। जिस कारण से उनका नाम जॉनी लीवर पड़ गया। जिसके बाद उन्होंने अपना यह नाम जारी रखाl
जॉनी ने अपनी शुरूआती पढ़ाई आंध्र एजुकेशन सोसाइटी हाईस्कूल से की। उनके घर की आर्थिक स्थिति अच्छी ना होने कारण जॉनी सिर्फ सातवीं तक शिक्षा ग्रहण कर सके। उसके बाद घर के जीवन-यापन के लिए उन्होंने काम करना शुरू कर दिया।
जॉनी लीवर की शादी सुजाता से हुई है। उनके एक बेटा और एक बेटी है। बेटी जैमी जोकि एक स्टैंड-अप कमेडियन है। बेटे का नाम जेस है।
जॉनी लीवर को फिल्म स्टारों की मिमिक्री करने में महारत हासिल थी। उनकी इसी खासियत ने उन्हें स्टेज शो करने का मौका दिया। ऐसे ही एक स्टेज शो में सुनील दत्त की उनपर नज़र पड़ी। उन्होने जॉनी लीवर को फिल्म ‘दर्द का रिश्ता’ में पहला ब्रेक मिला और आज यह सिलसिला 350 से अधिक फिल्मों तक पहुंच गया है। ‘दर्द का रिश्ता’के बाद वह ‘जलवा’ में नसीरुद्दीन शाह के साथ देखे गए, लेकिन उनकी पहली बडी सफलता ‘बाजीगर’ के साथ शुरू हुई। उसके बाद वह लगभग एक सहायक अभिनेता के रूप में हर फिल्म में हास्य अभिनेता के रोल में देखे गए। उनकी पहली फीचर फिल्म कभी तमिल ‘अनब्रिक्कु अल्लाविल्लाई’ है।
जॉनी लिवर सिर्फ बड़े पर्दे पर ही नहीं छोटे पर्दे भी अपने कॉमेडी के जलवे दिखा चुके हैं। जॉनी सीने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट हैं। इसके अलावा वह मिमक्री आर्टिस्ट एसोसिएशन मुंबई के भी अध्यक्ष हैं।
जॉनी लीवर को फिल्म स्टारों की मिमिक्री करने में महारत हासिल थी। उनकी इसी खासियत ने उन्हें स्टेज शो करने का मौका दिया। ऐसे ही एक स्टेज शो में सुनील दत्त की उनपर नज़र पड़ी। उन्होने जॉनी लीवर को फिल्म ‘दर्द का रिश्ता’ में पहला ब्रेक मिला और आज यह सिलसिला 350 से अधिक फिल्मों तक पहुंच गया है। ‘दर्द का रिश्ता’के बाद वह ‘जलवा’ में नसीरुद्दीन शाह के साथ देखे गए, लेकिन उनकी पहली बडी सफलता ‘बाजीगर’ के साथ शुरू हुई। उसके बाद वह लगभग एक सहायक अभिनेता के रूप में हर फिल्म में हास्य अभिनेता के रोल में देखे गए।
‘मेरी जगह राजपाल यादव ने ले ली थी. वो सभी फ़िल्मों में काम कर रहे थे.’ ये कहना है कॉमेडियन जॉनी लीवर का.
वो कहते हैं, “ऐसे में मुझे अपनी फ़ीस कम करने को कहा गया.”
जॉनी लीवर ने बॉलीवुड में 400 से भी ज़्यादा फ़िल्में की है. कॉमेडी किंग कहे जाने वाले जॉनी लीवर बहुत जल्द नज़र आएंगे आने वाली फ़िल्म ‘ब्युटीफूल’ में. इस फ़िल्म में जॉनी लीवर दिखेंगे पंजाबी सरदार के अवतार में.
1992 से लेकर 2000 तक की सभी फ़िल्मों में जॉनी काम करते नज़र आए लेकिन फिर जॉनी ने फ़िल्में करना कम कर दिया.
इस बारे में वो कहते हैं, “मेरी जगह राजपाल यादव ने ले ली थी. वो सभी फ़िल्मों में काम कर रहे थे और ऐसे में मुझे अपनी फ़ीस कम करने को कहा गया. काम तो मिलता था लेकिन पैसे कम देने की बात पर मैंने आराम करने की सोची और दूसरों को काम दिखाने का मौक़ा दिया. मैं काम के नाम पर कुछ भी नहीं कर सकता था क्योंकि मुझे ना तो कॉम्प्रोमाइज़ करना था और न ही छोटा दिखना था.”l
जॉनी लीवर ने अपनी ज़िन्दगी को सफल बनाने के लिए बहुत संघर्ष किया है और उनके लिए एक संघर्ष और भी था हिंदी सीखना.
जॉनी कहते हैं, “मैं तमिलनाडु का हूं और मैंने सिर्फ़ सातवीं कक्षा तक ही पढ़ाई की थी. हिंदी पढ़ाना हमें पांचवी कक्षा से शुरू की गई थी. मैंने बहुत मुश्किल से हिंदी बोलना सीखा. कई हिंदी नॉवेल पढ़े तब जाकर आई मुझे हिंदी.”
जॉनी लीवर को फ़िल्म इंडस्ट्री में बहुत साल हो गए. इस इंडस्ट्री में अगर उनका कोई अच्छा दोस्त है तो वो है गोविंदा और अनिल कपुर लेकिन जॉनी कहते है कि उनके टपोरी दोस्त आज भी हैं.
जॉनी लीवर मुंबई के धारावी इलाक़े में रहा करते थे और आज भी उनका घर धारावी में है. वो आज भी अपने पुराने घर और दोस्तों से मिलने जाते हैं.
जॉनी लीवर की कॉमेडी से तो सभी युवा कॉमेडी एक्टर प्रभावित हैं लेकिन ख़ुद जॉनी लीवर किस से प्रभावित हुए?
जॉनी लीवर इस पर कहते हैं, “एक्टिंग के लिए जॉनी वॉकर ,किशोर कुमार और महमूद साहब ने मुझे बहुत प्रभावित किया. जॉनी वॉकर अच्छे एक्टर थे और उनकी निजी ज़िदगी भी बहुत अच्छी थी. उन्होंने फ़िल्म और फ़ैमिली को बहुत अच्छा संभाला.”
“उनसे मैंने ये चीज़ सीखी इसलिए मैं भी अपनी फ़ैमिली वालों के लिए बहुत सीरियस हूं क्योंकि लोग मुझे देख कर हंसते हैं लेकिन जिस दिन आपके घर वाले भी आप पर हंसने लगे तो आपको ठोकर ही मिलेगी. इसलिए थोड़ा बहुत सिरियस होना ज़रूरी है.”
-अनिल अनूप

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