लेखक परिचय

आर के रस्तोगी

आर के रस्तोगी

जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

Posted On by &filed under कविता.


पेट्रोल के दाम बढ़ रहे
फिर भी वाहन चल रहे

महंगाई भी रोजना बढ़ रही
फिर भी लोग होटल में खा रहे

सत्ता के सब लालची हो रहे
देश को भाड  में झोक रहे

नेता आपस में लड़ रहे
जनता को एकता का सबक दे रहे

जो कभी आपस में दुश्मन थे
आज वे आपस में गले मिल रहे 

जनता कवि सम्मेलनों में आ नही रही
कविता गजल लोगों को भा नहीं रही

बेटा बाप की सुनता नहीं
बाप भी अब मिलता नही

पत्नि मायके जाती नहीं
गर्ल फ्रेंड भी फसती नहीं

बडो घर के रिश्ते अब टिकते नहीं
लडकियों के बदन पर कपड़े टिकते नहीं

आर के रस्तोगी 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *