आज नारी कितनी आजाद है,यह नारी स्वयं ही बतायेगी |

आज नारी कितनी आजाद है,यह नारी स्वयं ही बतायेगी |
नारी भी समाज का अंग है,यह सत्यता स्वयं ही बतायेगी ||

मिले है नारी को समान अधिकार ,क्या उपयोग कर पाती है ?
नारी ने नर का जन्म दिया है,फिर भी समाज में छटपटाती है ||

आजाद भारत की नारी क्या आजाद है, प्रश्न उभर कर आ रहा |
सोच रहे सभी इस प्रश्न पर,क्या कोई इसका उत्तर निकल रहा ||

कहने को नारी आजाद है,पर समाज में वास्तव में आजाद नहीं |
हर बात पर पुरुष पर निर्भर है,उसकी आज्ञा बिना निकलती नहीं ||

मिला है समानता का अधिकार सभी को, पर नारी को मिला नहीं |
जब तक समाज न दे मान्यता,लिखने का कोई इसका अर्थ नहीं ||

करना है नारी को आजाद ,तो पहले उसको आजाद करना होगा |
बनाकर शिक्षित उसको आर्थिक रूप से भी आजाद करना होगा ||

नारी जब तक स्वयं न उठेगी,तब तक आजादी न मिल पायेगी |
वर्ना इस भारत में वह कई वर्षो तक गुलामी में जकड़ी जायेगी ||

इसलिए मोदी ने भारत को बेटी बचाओ बेटी पढाओ दिया नारा है |
“आजाद भारत में आजाद करो नारी को” ये सबको लगाना नारा है ||

आर के रस्तोगी

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