लेख नारों से नहीं, व्यवहार से होगा गौ संरक्षण May 14, 2026 / May 14, 2026 | Leave a Comment इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि गौ-संरक्षण के नाम पर जोश और नारे तो बहुत हैं लेकिन व्यवहार कम ही देखने को मिलता है। शहरों में स्थान का अभाव और अनेक तरह के नियम बाधक हैं तो दूसरी ओर गांवों में भी नई पीढ़ी शिक्षा अथवा रोजगार के लिए शहरों की ओर मुख कर रही है अतः अब गाँव में भी Read more » Cow protection will happen not through slogans but through behavior. गौ संरक्षण
धर्म-अध्यात्म सम्यक दृष्टि प्रदाता बुद्ध और बोध गया April 29, 2026 / April 29, 2026 | Leave a Comment यह अकारण नहीं कि बुद्ध सम्पूर्ण जगत के लिए जिज्ञासा का केन्द्र रहे हैं। उनका अष्टांग मार्ग अर्थात सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प , सम्यक वाक, सम्यक कर्म, सम्यक जीविका, सम्यक प्रयास, सम्यक स्मृति औश्र सम्यक समाधि संसार को विवेक, वैराग्य और शांति के पथ पर अग्रसर करता है। उनका सम्पूर्ण जीवन Read more » बुद्ध और बोध गया
समाज सेवा परमो धर्माः April 20, 2026 / April 20, 2026 | Leave a Comment इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि यह भी सेवा है। आज भी अनेक राजनैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक संगठन तो अनेक लोग व्यक्तिगत स्तर में सेवा कार्य करते हुए बेशक अपने बैनर लगाते हैं। Read more » सेवा परमो धर्माः
व्यंग्य जरूरी है उद्घाटन April 8, 2026 / April 8, 2026 | Leave a Comment जरूरी है उद्घाटन Read more » जरूरी है उद्घाटन
महिला-जगत लेख नारी सम्मान ही सभ्य, सुसंस्कृत होने की पहचान March 5, 2026 / March 5, 2026 | Leave a Comment 8 मार्चः महिला दिवस पर विशेष विनोद बब्बर यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवता अथार्त जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। इसी प्रकार कहा गया- ‘न गृहं गृह मित्याहु गृहिणी गृह मुच्यते’. सच ही है परिवार संस्था की संकल्पना नारी के बिना व्यर्थ है। महल हो या टूटी झोंपड़ी गृहलक्ष्मी के प्रवेश से ही घर […] Read more » महिला दिवस
राजनीति विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणतंत्र है भारत January 24, 2026 / January 24, 2026 | Leave a Comment डा. विनोद बब्बर गणतंत्र दिवस ‘गण’ और ‘तंत्र’ के सबंधों की पड़ताल करने का अवसर है। इस बात पर गर्व करने का अवसर भी कि विश्व को गणतंत्र की अवधारणा हमने दी। हजारों वर्ष पहले भी भारतवर्ष में अनेक गणराज्य थे, जहाँ शासन व्यवस्था अत्यंत सुदृढ़ थी और जनता सुखी थी। गण शब्द का अर्थ […] Read more » गणतंत्र
समाज सर्वनाश की ओर ले जाता तूफान December 31, 2025 / December 31, 2025 | Leave a Comment आज के युवाओं को प्रभावित करने वाली चीजों में से मुख्य हैं- इंटरनेट, अश्लील एवं फूहड़ फिल्में, पब संस्कृति, ड्रग्स, फैशन, महंगे मोबाइल, जिनमें एसएमएस एवं एमएमएस करना, महंगी गाड़ियां एवं न सबके लिए मोटी रकम। ये चीजें ऐसी हैं, जो युवाओं में रचनात्मक एवं सृजनात्मक सोच के बजाय, घातक सोच को अंजाम दे रही हैं, Read more » युवा युग
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म कालचक्र के नये पड़ाव के स्वागत की बेला December 27, 2025 / December 27, 2025 | Leave a Comment यह परम्परा प्रागैतिहासिक काल से चली आ रही है। दुनिया भर के तमाम समाजों, जातियों और समुदायों, सम्प्रदायों में अलग-अलग ढंग से, अलग-अलग तिथियों, महीनों में नववर्ष मनाने की परम्परा है। Read more » Time to welcome a new phase of the cycle of time नववर्ष
शख्सियत समाज अटल : राजनीति की कालिख में भी धवल December 23, 2025 / December 23, 2025 | Leave a Comment अटल जी के ओजस्वी भाषण न केवल उनके अपने दल के कार्यकर्ता बल्कि आम जनमानस को बहुत प्रभावित करते थे। अटल जी के भाषण, शालीनता और शब्दों की गरिमा का ऐसा अद्भुत मिश्रण होता था कि विरोधी भी उनके कायल है। सांसद के रूप में अटल जी आरंभ से ही अपने भाषणों की तैयारी बङी गंभीरता के साथ करते थे। Read more » अटल बिहारी वाजपेयी
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लक्ष्मी संग गणेश-सरस्वती पूजन का अर्थ October 19, 2025 / October 19, 2025 | Leave a Comment डा. विनोद बब्बर प्रकाश पर्व है पर न जाने कब से लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती की पूजा का प्रचलन है। हम सभी ने हजारों बार उस चित्र को देखा होगा जिसके बीच में लक्ष्मी है तो एक ओर गणेश जी तो दूसरी ओर सरस्वती। क्या कभी यह सोचने का समय मिला कि आखिर प्रकाश पर्व पर […] Read more » Meaning of worshipping Ganesha-Saraswati along with Lakshmi
राजनीति लेख एकात्म मानववाद के प्रणेता पं दीनदयाल उपाध्याय September 24, 2025 / September 24, 2025 | Leave a Comment 25 सितंबर, दीनदयाल जयंती डा. विनोद बब्बर एक संगोष्ठी में एक शोधार्थी ने मुझसे पूछा कि ‘क्या दीनदयाल जी भाजपा के गांधी हैं?’ तो मेरा उत्तर था कि दीनदयाल जी भारतीय जनता के दीनदयाल हैं। उनके मन-मस्तिष्क में केवल और केवल भारत के उत्थान की चिंता थी। वे विकास के नाम पर पश्चिमी विचारधारा के अंधानुसरण के विरोधी थे। भारतीय संस्कृति […] Read more » Pt. Deendayal Upadhyay the pioneer of Integral Humanism pt deendayal पं दीनदयाल उपाध्याय
कला-संस्कृति ऋतु परिवर्तन और नवरात्र की वैज्ञानिकता September 19, 2025 / September 19, 2025 | Leave a Comment डा. विनोद बब्बर नवरात्र ‘शक्ति-जागरण‘ पर्व है। पुराणों में शक्ति उपासना के अनेक प्रसंग हैं। भगवान राम ने रावण को पराजित करने से पूर्व शक्ति की उपासना थी तो श्रीकृष्ण ने योगमाया (देवी कात्यायनि) का आश्रय लेकर ही विभिन्न लीलाएं की। नवरात्र भारतीय गृहस्थ के लिए शक्ति-पूजन, शक्ति-संवर्द्धन और शक्ति-संचय के दिन हैं। नवरात्र में […] Read more » The scientific basis of seasonal changes and Navratri ऋतु परिवर्तन और नवरात्र की वैज्ञानिकता