पर्यावरण लेख प्लास्टिक का बढता उपयोग भयावह February 1, 2026 / February 2, 2026 | Leave a Comment प्लास्टिक का बढता उपयोग भयावह Read more » प्लास्टिक का बढता उपयोग भयावह
महिला-जगत शख्सियत समाज स्त्रियों के स्वाभिमान की प्रेरणा पुंज – सावित्रीबाई फुले January 2, 2026 / January 2, 2026 | Leave a Comment 3 जनवरी जन्म दिवस डा. वीरेन्द्र भाटी मंगल समाज में व्याप्त कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले व्यक्तित्वों की परंपरा में कुछ नाम ऐसे होते हैं जिनका प्रभाव अपने समय से आगे तक जाता है। उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए दीपस्तंभ बन जाते हैं। ऐसी ही महान समाज-सुधारक सावित्रीबाई फुले की […] Read more » सावित्रीबाई फुले
पर्यावरण लेख बढता जल संकट: भविष्य की बड़ी चेतावनी December 31, 2025 / December 31, 2025 | Leave a Comment भारत जैसे देश में, जहां एक ओर गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र जैसी महान नदियां हैं, वहीं दूसरी ओर करोड़ों लोग पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। अनेक शहरों में टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है। Read more » Growing water crisis बढता जल संकट
समाज शहरों की ओर युवाओं का बढता पलायन चिंताजनक December 27, 2025 / December 27, 2025 | Leave a Comment हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है जिसकी आत्मा आज भी गांवों में बसती है किंतु वर्तमान समय में ग्रामीण युवाओं का बड़े पैमाने पर शहरों की ओर पलायन एक गंभीर सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समस्या बनता जा रहा है। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधुनिक जीवनशैली और बेहतर भविष्य की तलाश में गांव का युवा शहरों की Read more » The increasing migration of youth to cities is a matter of concern.
राजनीति क्या भ्रष्टाचार का समाधान केवल कानून से संभव है? December 18, 2025 / December 18, 2025 | Leave a Comment निस्संदेह, कानून भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का एक महत्वपूर्ण साधन है। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, लोकपाल, सतर्कता आयोग, सीबीआई जैसी संस्थाएं तथा न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने और दोषियों को दंडित करने में सहायक रही हैं। Read more » भ्रष्टाचार का समाधान
राजनीति राष्ट्र साधना के 100 वर्ष: राष्ट्र पुनर्जागरण की शताब्दी यात्रा December 13, 2025 / December 13, 2025 | Leave a Comment इन सौ वर्षों की साधना का प्रारम्भ डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार जैसे राष्ट्रनिष्ठ महापुरुष से हुआ, जिन्होंने 1925 में एक ऐसे राष्ट्रजीवन की नींव रखी जिसका केंद्र केवल भारत माता थी। उनके मन में यह दृढ़ विश्वास था कि राष्ट्र का उत्थान संगठन, संस्कार और समरस समाज से ही संभव है। Read more » राष्ट्र साधना के 100 वर्ष
मनोरंजन युवाओं में बढता ‘रील्स कल्चर’ समय प्रबंधन में बाधक December 1, 2025 / December 1, 2025 | Leave a Comment डा वीरेन्द्र भाटी मंगल आज का युवा तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में जी रहा है। तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया जहां सूचना, अभिव्यक्ति और अवसरों का नया दरवाजा खोलते हैं, वहीं इन माध्यमों का गलत और अत्यधिक उपयोग युवा वर्ग के सामने एक नई सामाजिक चुनौती बनकर उभर रहा है। इनमें सबसे प्रमुख है […] Read more » ‘रील्स कल्चर’ का बढ़ता प्रभाव रील्स कल्चर
महिला-जगत लेख महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना सामूहिक जिम्मेदारी November 25, 2025 / December 18, 2025 | Leave a Comment वर्तमान दौर की उपलब्धियों के बावजूद महिलाओं के सामने चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर शोषण, दहेज प्रताड़ना और सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षा ये समस्याएँ लगातार सामने आती रहती हैं। Read more » Day for the Elimination of Violence against Women - 25 November महिलाओं के खिलाफ हिंसा उन्मूलन दिवस- 25 नवम्बर
समाज युवाओं में बढ़ता एकांत कितना खतरनाक ? November 20, 2025 / November 20, 2025 | Leave a Comment वर्तमान दौर में तेज गति से आधुनिक होते देश में युवा वर्ग सबसे अधिक ऊर्जावान, रचनात्मक और सपनों से भरा माना जाता है परन्तु इसी युवा पीढ़ी के भीतर एक गहरा और बढ़ता हुआ Read more » How dangerous is the increasing loneliness among youth? युवाओं में बढ़ता एकांत
प्रवक्ता न्यूज़ असुरक्षित सड़कों के प्रदेश में सड़क हादसों पर ’जीरो टॉलरेंस’ November 7, 2025 / November 7, 2025 | Leave a Comment डा वीरेन्द्र भाटी मंगल राजस्थान, जो अपनी भव्यता और अतिथि-सत्कार के लिए जाना जाता है, दुर्भाग्यवश इन दिनों सड़क हादसों के एक गंभीर संकट का सामना कर रहा है। हाल के दिनों में हुई सिलसिलेवार भीषण दुर्घटनाओं ने न केवल कई परिवारों को उजाड़ दिया है बल्कि राज्य की यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर […] Read more »
लेख माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की बदलती शैली September 15, 2025 / September 15, 2025 | Leave a Comment डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल मानव समाज का आधार परिवार है और परिवार की आत्मा है संवाद। संवाद ही वह सेतु है जिसके माध्यम से माता-पिता और बच्चों के बीच भावनाएँ, विचार और अनुभव साझा होते हैं। किंतु बदलते समय, तकनीक और जीवनशैली के प्रभाव से इस संवाद की शैली भी निरंतर बदल रही है। परंपरागत […] Read more » माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद