राजनीति नये भारत की दस्तक को पहचाने March 15, 2017 | Leave a Comment महादेवी वर्मा के शब्दों में ‘‘बलवान राष्ट्र वही होता है जिसकी तरुणाई सबल होती है।’’ जिसमें मृत्यु का वरण करने की क्षमता होती है, जिसमें भविष्य के सपने होते हैं और कुछ कर गुजरने का जज्बा होता है, वही तरुणाई है। हमें गंभीरता से विचार करना चाहिए कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां रही हैं, जो इस पीढ़ी को उनके उद्देश्य से विमुख करती रही हैं, उन्हें असयंमित और अनुशासनहीन बनाती रही है। Read more » Featured नये भारत की दस्तक भारत
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म चैतन्य महाप्रभु की संकीर्तन रस संस्कृति March 9, 2017 | Leave a Comment चैतन्य महाप्रभु जयन्ती-12 मार्च 2017 पर विशेष ललित गर्ग चैतन्य महाप्रभु भारतीय संत परम्परा के भक्ति रस संस्कृति के एक महान् कवि, संत, समाज सुधारक एवं क्रांतिकारी प्रचारक थे। वैष्णव धर्म के परम प्रचारक एवं भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक थे। उन्होंने जात-पांत के बंधन को तोड़ने और सम्पूर्ण मानव जाति को एक […] Read more » Featured चैतन्य महाप्रभु चैतन्य महाप्रभु जयन्ती चैतन्य महाप्रभु जयन्ती-12 मार्च 2017
आर्थिकी विविधा डिजिटल भुगतान की अनिवार्यता के सबब March 6, 2017 / March 6, 2017 | Leave a Comment -ललित गर्ग – विमुद्रीकरण के बाद डिजिटल भुगतान प्रणाली और कैशलेस अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का लोगों ने स्वागत किया है। लेकिन डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए महीने में चार बार से अधिक नकदी लेन-देन पर शुल्क की व्यवस्था जनता की परेशानियां बढ़ायेगा, उन पर […] Read more » digital payments drawbacks of digital payment Featured डिजिटल भुगतान
धर्म-अध्यात्म संत दादू ने प्रेम की गंगा बहायी March 4, 2017 / March 4, 2017 | Leave a Comment ललित गर्ग भारतभूमि अनादिकाल से संतों एवं अध्यात्म के दिव्यपुरुषों की भूमि रहा है। यहां का कण-कण, अणु-अणु न जाने कितने संतों की साधना से आप्लावित रहा है। संतों की गहन तपस्या और साधना के परमाणुओं से अभिषिक्त यह माटी धन्य है और धन्य है यहां की हवाएं, जो तपस्वी एवं साधक शिखर-पुरुषों, ऋषियों और […] Read more » Sant dadu संत दादू
महिला-जगत समाज नारी अस्तित्व एवं अस्मिता पर धुंधलके क्यों? March 3, 2017 | Leave a Comment -ललित गर्ग- सम्पूर्ण विश्व में नारी के प्रति सम्मान एवं प्रशंसा प्रकट करते हुए 8 मार्च का दिन उनकी सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में, उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन से पहले और बाद में हफ्ते भर तक विचार विमर्श और गोष्ठियां होंगी जिनमें महिलाओं से जुड़े मामलों जैसे […] Read more » Featured नारी अस्तित्व नारी अस्तित्व एवं अस्मिता नारी अस्मिता नारी की अवमानना
कला-संस्कृति लेख साहित्य होली के रंगों का आध्यात्मिक महत्व March 2, 2017 | Leave a Comment श्वेत रंग की कमी होती है, तो अशांति बढ़ती है, लाल रंग की कमी होने पर आलस्य और जड़ता पनपती है। पीले रंग की कमी होने पर ज्ञानतंतु निष्क्रिय बन जाते हैं। ज्योतिकेंद्र पर श्वेत रंग, दर्शन-केंद्र पर लाल रंग और ज्ञान-केंद्र पर पीले रंग का ध्यान करने से क्रमशः शांति, सक्रियता और ज्ञानतंतु की सक्रियता उपलब्ध होती है। होली के ध्यान में शरीर के विभिन्न अंगों पर विभिन्न रंगों का ध्यान कराया जाता है और इस तरह रंगों के ध्यान में गहराई से उतरकर हम विभिन्न रंगों से रंगे हुए लगने लगा। Read more » होली
समाज दुःख को सुख में बदलने का नजरिया February 28, 2017 / February 28, 2017 | Leave a Comment ललित गर्ग – आजतक कोई ऐसा व्यक्ति नहीं हुआ, जिसका जीवन समस्यामुक्त हो। हर व्यक्ति किसी-न-किसी समस्या से ग्रस्त और त्रस्त है। इसीलिये दुःख को जीवन का शाश्वत या आर्यसत्य बताया है। दुःख का निवारण कैसे हो? इसकी खोज में अनंत काल से मनीषियों ने अपना जीवन लगाया और पाया कि दुख का कारण है […] Read more » दुःख दुःख को सुख में बदल दुःख को सुख में बदलने का नजरिया सुख
राजनीति पैसे और मादक पदार्थों का वोटों पर ग्रहण! February 27, 2017 | Leave a Comment ललित गर्ग वोट की राजनीति ने पूरा अपराध जगत खड़ा किया हुआ है। मतदान जैसी पवित्र विधा भी आज असामाजिक तत्वों के हाथों में कैद है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के दौरान पकड़ी गई नगदी, शराब और अन्य मादक पदार्थों के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। कब जन प्रतिनिधि राजनीति को सेवा और संसद […] Read more » Featured politicians buying votes चुनाव पर खर्च निर्वाचन आयोग राजनीति में चरित्र एवं सेवा वोट की राजनीति
राजनीति फतवों की राजनीति में सुराज्य कैसे संभव? February 15, 2017 | Leave a Comment ललित गर्ग – सर्वोच्च न्यायालय ने चुनावों में धर्म, जाति, सम्प्रदाय या वर्ग विशेष के नाम पर वोट मांगने को या वोट देने के लिये प्रेरित करने को भ्रष्ट प्रक्रिया करार देकर भारतीय लोकतंत्र में पहली सबसे खतरनाक बीमारी को दूर करने का प्रयास किया है। बावजूद इसके दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के इमाम अहमद […] Read more » Featured फतवों की राजनीति फतवों की राजनीति में सुराज्य सुराज्य
राजनीति चुनावी अनुष्ठान में अनिवार्य मतदान जरूरी क्यों? February 7, 2017 | Leave a Comment ललित गर्ग उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर मतदाता को अपने भाग्य का फैसला करने का अधिकार मिला है। यदि मतदाता सशक्त और स्वस्थ लोकतंत्र चाहता है तो उसे कम-से-कम मतदान में उत्साह का प्रदर्शन करना होगा और अधिकतम मतदान को संभव बनाना होगा। मतदान के प्रति मतदाता […] Read more » Featured अनिवार्य मतदान चुनावी अनुष्ठान चुनावी अनुष्ठान में अनिवार्य मतदान जरूरी क्यों मतदान
धर्म-अध्यात्म स्वामी दयानन्द सरस्वती : धर्मक्रांति के साथ राष्ट्रक्रांति के प्रेरक February 7, 2017 | Leave a Comment स्वामी दयानन्द सरस्वती जन्म जयन्ती – 12 फरवरी 2017 पर विशेष ललित गर्ग – महापुरुषों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका लोकहितकारी चिन्तन त्रैकालिक, सार्वभैमिक एवं सार्वदेशिक होता है और युग-युगों तक समाज का पथदर्शन करता है। स्वामी दयानंद सरस्वती हमारे ऐसे ही एक प्रकाश स्तंभ है। जिस युग में उन्होंने […] Read more » Featured दयानन्द सरस्वती धर्मक्रांति धर्मक्रांति के प्रेरक राष्ट्रक्रांति राष्ट्रक्रांति के प्रेरक स्वामी दयानन्द सरस्वती
आर्थिकी राजनीति बजट 2017 : सशक्त वित्तीय अनुशासन का सन्देश February 3, 2017 | Leave a Comment ललित गर्ग – बजट हर वर्ष आता है। अनेक विचारधाराओं वाले वित्तमंत्रियों ने विगत में कई बजट प्रस्तुत किए। पर हर बजट लोगों की मुसीबतें बढ़ाकर ही जाता है। लेकिन इस बार बजट ने नयी परम्परा के साथ राहत की सांसें दी है। इस बजट में कृषि, डेयरी, शिक्षा, कौशल विकास, रेलवे और अन्य बुनियादी […] Read more » Featured किसान कृषि कृषि ऋण गांव एवं गरीब का बजट फसल बीमा एवं ग्रामीण सड़क निर्माण बजट 2017 मध्यमवर्ग को इनकम टैक्स में राहत रेल बजट वित्तीय व्यवस्था में निवेशकों का भरोसा सिंचाई व्यय