खान-पान भूख से मुक्ति का राष्ट्रीय संकल्प है अटल कैंटीन योजना January 8, 2026 / January 8, 2026 | Leave a Comment भूख केवल एक शारीरिक पीड़ा नहीं है, वह सामाजिक असंतुलन, मानसिक कुंठा और नैतिक विचलन की जननी भी है। इतिहास साक्षी है कि जब पेट खाली होता है, तो विचार उग्र हो जाते हैं, व्यवस्था के प्रति विश्वास डगमगाने लगता है और विद्रोह की भावना पनपती है। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे पहली जिम्मेदारी यह होती है Read more » Atal Canteen Scheme is a national pledge to get rid of hunger. अटल कैंटीन योजना
लेख समाज विश्व पटल पर बालिकाओं का नवयुगः बदली सोच, उभरी शक्ति January 6, 2026 / January 6, 2026 | Leave a Comment पिछले 25 वर्षों में दुनिया ने लगभग 70 लाख बच्चियों को बचाया है, यह मानवीय प्रगति का बड़ा प्रमाण है। परंतु यह भी उतना ही कड़वा सत्य है कि आज भी हर साल दस लाख से अधिक बच्चियां गर्भ में ही खत्म कर दी जाती हैं और बीते 45 वर्षों में यह संख्या पाँच करोड़ से अधिक रही है। Read more » बालिकाओं का नवयुगः
राजनीति विश्ववार्ता वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन January 5, 2026 / January 5, 2026 | Leave a Comment अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्वयं को वैश्विक शांति का मसीहा घोषित करते नहीं थकते, लेकिन उनकी नीतियां और कार्रवाइयाँ बार-बार युद्ध, हस्तक्षेप और सत्ता परिवर्तन की मानसिकता को उजागर करती हैं। यह वही अमेरिका है जो एक ओर लोकतंत्र, मानवाधिकार और संप्रभुता की दुहाई देता है, तो दूसरी ओर एक संप्रभु राष्ट्र पर आक्रमण Read more » The Venezuelan crisis US authoritarianism and the violation of global law वेनेज़ुएला संकट
राजनीति समाधान, संकल्प और लोकतांत्रिक नवजागरण का उद्घोष हो January 2, 2026 / January 2, 2026 | Leave a Comment नया साल 2026 अनेक आशाओं, अपेक्षाओं, उम्मीदों और संकल्पों के साथ हमारे सामने है। वर्ष 2025 जहाँ वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर इम्तिहान, अस्थिरता और इंतज़ार का साल रहा, वहीं 2026 से शांति, खुशहाली और प्रगति की बहाली की संभावना बनती दिख रही है। बीते वर्ष की घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि पुरानी समस्याओं Read more » संकल्प और लोकतांत्रिक नवजागरण
समाज गिग-वर्कर्सः डिजिटल सुविधा की चकाचौंध में पसीने का अंधेरा January 2, 2026 / January 2, 2026 | Leave a Comment अपना व परिवार का पोषण करने वाले इन युवा गिग-वर्कर्स को अकसर सरपट दौड़ती मोटरसाइकिलों पर, भारी थैलों के साथ ऊँची इमारतों की सीढ़ियाँ चढ़ते देखा जा सकता है। समय सीमा का दबाव इतना तीव्र होता है कि ज़रा-सी देरी पर आर्थिक दंड झेलना पड़ता है। Read more » गिग-वर्कर्स
समाज पारिवारिक परंपरा को बोझ नहीं, वैश्विक समाधान समझें December 31, 2025 / December 31, 2025 | Leave a Comment वैश्विक परिवार दिवस, शान्ति और साझेदारी का एक दिन, संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रतिवर्ष 1 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र सहस्राब्दी समारोह, ‘शान्ति में एक दिन’ से विकसित हुआ। Read more » वैश्विक परिवार दिवस
समाज बढ़ते कामकाजी जीवन के दबाव में बिखरते परिवार December 30, 2025 / December 30, 2025 | Leave a Comment व्यस्ततम, घटनाबहुल एवं कामकाजी जिंदगी जीने के साथ परिवार के लिए वक्त निकालना आज के इंसान के लिए ज्यादा जरूरी हो गया है। परिवार से यह जुुड़ाव व्यक्ति को न केवल भावनात्मक रूप से, बल्कि शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी खुशनुमा Read more » दबाव में बिखरते परिवार बिखरते परिवार
राजनीति नये वर्ष में अनुत्तरित सवालों के जबावों की तलाश December 29, 2025 / December 29, 2025 | Leave a Comment पहलगाम की आतंकी घटना ने एक बार फिर आतंकवाद के भयावह चेहरे को उजागर किया, लेकिन उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब केवल पीड़ित नहीं, बल्कि निर्णायक और साहसी प्रतिकार करने वाला राष्ट्र है। इस सटीक कार्रवाई ने पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद की पोल खोलते Read more » Seeking answers to unanswered questions in the new year नये वर्ष में अनुत्तरित सवालों के जबाव
शख्सियत समाज गुुरु गोविन्द सिंहः हिन्दू धर्म और संस्कृति के रक्षक December 27, 2025 / December 27, 2025 | Leave a Comment गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म 22 दिसंबर 1666 को पटना साहिब (वर्तमान बिहार) में हुआ। उनके पिता गुरु तेग बहादुर जी सिखों के नौवें गुरु थे, जिन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। Read more » Guru Govind Singh: Protector of Hindu religion and culture गुुरु गोविन्द सिंह जयन्ती
विश्ववार्ता बांग्लादेशः सत्ता-संघर्ष, कट्टरपंथ और लोकतंत्र की अनिश्चित राह December 27, 2025 / December 27, 2025 | Leave a Comment 17 वर्षों के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र और बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की स्वदेश वापसी केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि उस अस्थिरता का प्रतीक है, जो शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद देश की राजनीति में लगातार गहराती चली गई है। Read more » कट्टरपंथ और लोकतंत्र
लेख स्वास्थ्य-योग भारत की पारंपरिक चिकित्सा की रोशनी में विश्व-स्वास्थ्य December 23, 2025 / December 23, 2025 | Leave a Comment प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की इन पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने इसे केवल सांस्कृतिक धरोहर के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य की एक प्रभावी, सुलभ और टिकाऊ स्वास्थ्य व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत किया है। उनके नेतृत्व में आयुष मंत्रालय की स्थापना, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत Read more » Global health in the light of India's traditional medicine भारत की पारंपरिक चिकित्सा
आर्थिकी सशक्त उपभोक्ता ही सशक्त राष्ट्र की नींव December 22, 2025 / December 22, 2025 | Leave a Comment आज का बाज़ार पहले की तुलना में अधिक जटिल, तेज़ और आक्रामक हो चुका है। उपभोक्ता के सामने विकल्पों की भरमार है, किंतु जानकारी और पारदर्शिता का अभाव है। Read more » राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस