विधि-कानून समाज विवाह संस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच नई खाई April 20, 2026 / April 20, 2026 | Leave a Comment आधुनिकता के संक्रमणकालीन दौर में सबसे अधिक यदि कोई संस्था प्रश्नों के घेरे में है, तो वह विवाह और रिश्तों की पारंपरिक अवधारणा है। बदलती जीवनशैली, आर्थिक आत्मनिर्भरता, तकनीक, वैश्वीकरण और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बढ़ती चेतना ने रिश्तों की परिभाषा, अपेक्षाएँ और संरचना-सब कुछ बदल दिया है Read more » A new divide between the institution of marriage and individual freedom विवाह संस्था विवाह संस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता
समाज ‘वात्सल्य पीठ’: करुणा, साधना और आत्मोन्नति का दिव्य तीर्थ April 17, 2026 / April 17, 2026 | Leave a Comment दिल्ली जैसे महानगर की आपाधापी, भागदौड़ और संवेदनहीनता के बीच यदि कोई ऐसा स्थान निर्मित हो, जहाँ पहुंचते ही मन शांत हो जाए, आत्मा को विश्राम मिले और जीवन को Read more » ‘वात्सल्य पीठ’: करुणा वात्सल्य पीठ’ साधना और आत्मोन्नति का दिव्य तीर्थ
राजनीति नारी-आरक्षणः नये भारत का आधार एवं संभावनाओं का शिखर April 16, 2026 / April 16, 2026 | Leave a Comment पिछले कुछ वर्षों में भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका में एक उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। महिलाएं अब केवल मतदाता नहीं रहीं, बल्कि वे एक निर्णायक मतदाता वर्ग के रूप में उभरी हैं। 2019 के आम चुनावों में महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों के लगभग बराबर रही और कई राज्यों में उन्होंने पुरुषों से अधिक मतदान किया। Read more » नये भारत का आधार नारी-आरक्षण नारी-आरक्षण
राजनीति बिहार में संभावनाएं विकास की: अब सत्ता सम्राट की April 15, 2026 / April 15, 2026 | Leave a Comment सम्राट चौधरी के लिए यह एक बड़ी चुनौती और अवसर दोनों है कि वे इन स्थापित मानकों को न केवल बनाए रखें, बल्कि उन्हें और आगे बढ़ाएं। उन्हें यह समझना होगा कि बिहार की जनता अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं होती, बल्कि परिणाम चाहती है। Read more » बिहार में संभावनाएं विकास की सम्राट चौधरी
संगीत सूरों की आशा बनकर गूंजती रहेगी आशा भोसले April 13, 2026 / April 13, 2026 | Leave a Comment 8 सितंबर 1933 को जन्मी आशाजी ने संगीत को साधना के रूप में जिया। लता मंगेशकर जैसी विराट प्रतिभा की छाया में अपनी अलग पहचान बनाना सरल नहीं था। अनेक प्रतिभाएँ उस छाया में दबकर गुमनामी में खो गईं, पर आशाजी ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया। Read more » आशा भोसले
शख्सियत समाज सामाजिक न्याय एवं समानता के पुरोधा पुरुष थे डॉ. अंबेडकर April 13, 2026 / April 13, 2026 | Leave a Comment आधुनिक भारत के निर्माण की जब भी चर्चा होती है, तो डॉ. भीमराव अंबेडकर का व्यक्तित्व एक ऐसे विराट स्तंभ के रूप में सामने आता है, जिसने न केवल संविधान की रचना की, Read more » डॉ. अंबेडकर
समाज किशोर आक्रामकता एवं हिंसा पर अंकुश लगाने की पहल हो April 10, 2026 / April 10, 2026 | Leave a Comment भारतीय किशोरों में बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति एवं क्रूर मानसिकता चिन्ताजनक है, नये भारत एवं विकसित भारत के भाल पर यह बदनुमा दाग है। पिछले कुछ समय से किशोरों में Read more » Initiatives should be taken to curb adolescent aggression and violence. किशोर आक्रामकता एवं हिंसा
धर्म-अध्यात्म राजनीति युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस April 7, 2026 / April 7, 2026 | Leave a Comment विश्व णमोकार दिवस Read more » विश्व णमोकार दिवस
मनोरंजन सिनेमा कोरियन ड्रामा से भारतीय सीरियल तक : मनोरंजन की दिशा पर पुनर्विचार April 6, 2026 / April 6, 2026 | Leave a Comment -ः ललित गर्ग :-विश्व के मनोरंजन जगत में पिछले कुछ वर्षों में यदि किसी देश ने टेलीविजन और वेब सीरीज के माध्यम से पूरी दुनिया को सबसे अधिक प्रभावित किया है तो वह दक्षिण कोरिया है। कोरियन ड्रामा आज केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रभाव, सामाजिक शिक्षा, भावनात्मक परिपक्वता और जीवन मूल्यों के प्रस्तुतीकरण का […] Read more » कोरियन ड्रामा
धर्म-अध्यात्म अपने भीतर के हनुमान को जगाने का पर्व April 1, 2026 / April 1, 2026 | Leave a Comment हनुमान जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानव जीवन के चरित्र-निर्माण, आत्मबल, संयम, सेवा और समर्पण की प्रेरणा देने वाला महान दिवस है। यह दिन हमें मंदिरों में दीप जलाने से अधिक अपने भीतर के अंधकार को दूर करने का संदेश देता है। Read more » हनुमान जयंती हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026
राजनीति माओवादी मुक्ति से शांति एवं संतुलन की नई संभावनाएं March 30, 2026 / March 30, 2026 | Leave a Comment लेकिन आज जब बस्तर जैसे माओवादी गढ़ से 25 लाख के इनामी सरगना पापा राव का अपने साथियों सहित आत्मसमर्पण करना एक निर्णायक मोड़ के रूप में सामने आया है, तब यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भारत माओवादी मुक्ति की ऐतिहासिक दहलीज पर खड़ा है। Read more » माओवादी मुक्ति
आर्थिकी बीमा सुरक्षा का माध्यम बने, न कि मुनाफे का जाल March 29, 2026 / March 29, 2026 | Leave a Comment हजारों करोड़ रुपये के बीमा दावे हर वर्ष खारिज कर दिए जाते हैं। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि बीमा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। अक्सर देखा गया है कि पॉलिसी लेते समय ग्राहकों को शर्तों की पूरी जानकारी नहीं दी जाती। Read more » बीमा