मृत्युंजय दीक्षित

स्वतंत्र लेखक व् टिप्पणीकार लखनऊ,उप्र

उपचुनावों से सभी दलों को राहत

भाजपा के लिए मध्यप्रदेश और असम की लोकसभा व विधानसभा सीटों पर मिली विजय विशेष महत्व रखती है। शहडोल लोकसभा व नेपानगर में भाजपा की जीत से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विशेष राहत मिल गयी है। इन सीटों पर जीत के बाद जो लोग भोपाल जेलब्रेक कांड पर अपनी तुष्टीकरण की सियासत को गरमाने में जुटे हुये थे तथा व्यापम घोटाल की आढ़ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरने का प्रयास कर रहे थे उन्हें अब गहरा आघात तो लग ही चुका है।

नोटबंदी पर सहयोग, समर्थन और विपक्ष की राजनीति

केजरीवाल दिल्ली विधानसभा का सदुपयोग करने की बजाय उसको केवल पीएम मोदी का विरोध करने का मंत्र बना लिया हैं । जिसमें सभी संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन करके तर्कहीन तरीके से मोदी विरोध किया जाता है तथा उनको जी भरकर गालियां दी जाती हैं। आज केजरीवाल व उनके साथ खड़े हाने वाले सभी नेता जनता की निगाहों में गिर रहे है।अभी तक ममता बनर्जी के गृहराज्य बंगाल से भी किसी बड़ी अराजकता का समाचार नहीं प्राप्त हुआ है। यही कारण है कि वह बौखला गयी हैं।

भोपाल जेल ब्रेकः- सेकुलरवादियों की फिर सियासत गरमायी

बांग्लादेश में भी दीपावली के दिन हिंदुओं के 15 से अधिक मंदिरों को ध्वस्त किया गया तथा हिंसक झडपों में 100 हिंदू घायल हुए व कुछ हिंदू महिलाओं केे साथ अभद्रता किये जाने का भी समाचार है। लेकिन इस वीभत्स अत्याचार पर किसी भी संेकुलर नेता व मानवाधिकारी का दिल अभी तक नहीं पसीजा हैं क्योकि वह वोटबैंक नहीं है। यह भारत के सभी दलों की दोहरी विकृत मानसिकता का परम उदाहरण हैं।

हनुमान जयंती:- पर सभी भक्तों के संकट हरते हनुमान जी

आज की तारीख में राजधानी लखनऊ में लगने वाला बड़ा मंगल का मेला जहां गली गली में लोकप्रिय हो रहा है। वहीं यहीं का असर है कि यह मेला अब लखनऊ के सटे बाराबंकी में भी लगने लगा है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने एक बार कहा भी था कि ,”श्री महावीर जी मन के समान वेग वाले हैं । अतः मेरी हार्दिक इच्छा है कि उनका दर्शन लोगों को गली -गली में हो। मुहल्ले -मुहल्लें में हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करके लोगों को दिखलायी जायें। स्थान- स्थान पर अखाड़ें हों जहां उनकी मूर्तियां स्थापित हो जायें।

हनुमान जयंती : सभी भक्तों के संकट हरते हनुमान जी

आज की तारीख में राजधानी लखनऊ में लगने वाला बड़ा मंगल का मेला जहां गली गली में लोकप्रिय हो रहा है। वहीं यहीं का असर है कि यह मेला अब लखनऊ के सटे बाराबंकी में भी लगने लगा है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने एक बार कहा भी था कि ,”श्री महावीर जी मन के समान वेग वाले हैं । अतः मेरी हार्दिक इच्छा है कि उनका दर्शन लोगों को गली -गली में हो।

उप्र में राहुल के मिशन को तगड़ा झटका ?

अगर कांग्रेसी नेता रीता बहुगुणा जोशी पर अवसरवादिता का आरोप लगा रहे हैं तो यह गलत भी नहीं हैं। उनका राजनैतिक सफर 1991 से शुरू होता है जब वह सपा से सुल्तानपुर लोकसभा चुनाव लडी और पराजित हुई। इसके बाद 1995 से 2000 तक इलाहाबाद की मेयर रहीं। 2003 से अखिल भारतीय कांग्रेस की महिला अध्यक्ष रहीं। 2007 में इलाहाबाद से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव हारीं।

परिवर्तन यात्रा के सहारे भाजपा क्या कर पायेगी परिवर्तन?

राजनैतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि प्रदेश के मुसलमानों के बीच समाजवादी सरकार व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की लोकप्रियता कायम है। यदि सभी दल पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ते हैं तथा किन्ही न किन्ही कारणों से धर्मनिरपेक्ष दलों के मतों का बिखराव होता है तब उसका लाभ भाजपा को ही मिल सकता है। कारणसाफ है कि यूपी की 45 प्रतिशत से अधिक आबादी को केंद्र सरकार व पीएम मोदी पर अभी भी भरोसा व उम्मीद कायम है।

चुनावों से पहले एक बार फिर चलो अयोध्या

अयोध्या में थीम पार्क बनवाने का ऐलान करने के पीछे समाजवादी सरकार की एक छिपी हुई बहुत बड़ी मंशा है। इस प्रकार के ऐलान करवाकर समाजवादी दल पूर्वांचल की सियासत में अपने को मजबूत दिखाना चाह रही है। समाजवादी दल पूर्वांचल के सवर्ण उसमें भी खासकर ब्राहमण मतदाता को लोकलुभावन लालीपाप देकर यह दिखाना चाह रही है कि हम भी भगवान श्रीराम के भक्त व उनकी चिंता करने वाले परम समाजवादी धर्मनिररपेक्ष दल हैं।

असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक का विजयादशमी

अपने देश में आज भी आसुरी शक्तियां सक्रिय हैं जो देशविरोधी गतिविधियां चला रही हैं। इन सभी प्रकार की शक्तियों का विनाश करने के लिए प्रत्येक को अपने अंदर की बुद्धि, भावना एवं शक्ति को केंद्रित करना होगा ताकि अपने समाज और देश को सुखी ,वैभवशाली और विजयी जीवन प्राप्त हो सके। विजयदशमी के पर्व से विजय की अदम्य प्रेरणा उत्पन्न होती है। 

सर्जिकल स्ट्राइक पर सेकुलरवादियो की आवाजें निकलने लगीं ?

भारतीय लोकतंत्र में बड़ी गहरायी है । आजकल भारत के नेतागण अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व अपनी टीआरपी को बरकार रखने के लिए देशद्रोह तक करने को तैयार बैठे हैं। संजय निरूपम जैसे नेता दावा कर रहे हैं कि यूपीए- 2 में भी सर्जिकल स्ट्राइक की गयी थी यदि की गयी थी तो वह भी सबूत पेश करें अन्यथा देश के जवानों का मनोबल गिराने के लिए पूरे देश की जनता से माफी मांगें।