धर्म-अध्यात्म भगवान श्रीराम का ऋषि-मुनियों के प्रति भक्ति भाव April 20, 2026 / April 20, 2026 | Leave a Comment ‘गुरु गृह गए पढ़न रघुराई, अल्प काल विद्या सब पाई’ अर्थात जब भगवान श्रीराम गुरु वशिष्ठ के आश्रम (गुरु गृह) शिक्षा ग्रहण करने गए, तो उन्होंने बहुत कम समय (अल्प काल) में ही सभी तरह की विद्या और ज्ञान प्राप्त कर लिया। यह सच्चे मन से गुरु की शरण में जाने के महत्व को दर्शाता है। Read more » ऋषि-मुनियों के प्रति भक्ति भाव भगवान श्रीराम
धर्म-अध्यात्म रामचरितमानस : श्रीराम नाम का जप-तप April 1, 2026 / April 1, 2026 | Leave a Comment भगवान श्रीराम का चरित्र हम सभी को नवविचार, नवऊर्जा और संचार से भर देता है। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस का जितनी बार भी पाठ होता है, उसकी गहराई अधिक होती चली जाती है। Read more » Ramcharitmanas: Chanting and meditating on the name of Shri Ram रामचरितमानस श्रीराम नाम का जप-तप
राजनीति महानगरों में ईंधन संकट March 26, 2026 / March 26, 2026 | Leave a Comment आज भारतीय ज्ञान परंपरा को लेकर अध्ययन अध्यापन हो रहा है। विचार करें तो भारतीय ज्ञान परंपरा और भारतीय समाज कभी किसी देश पर आश्रित नहीं रहा है। Read more » Fuel crisis in metropolises महानगरों में ईंधन संकट
मनोरंजन मोबाइल : जरूरत या जिंदगी March 20, 2026 / March 20, 2026 | Leave a Comment मोबाइल एक सुविधा अनेक Read more » मोबाइल मोबाइल एक सुविधा अनेक
विश्ववार्ता तीसरे विश्व युद्ध की आहट March 6, 2026 / March 6, 2026 | Leave a Comment तीसरे विश्व युद्ध की आहट Read more » The threat of World War III
विश्ववार्ता भारत में एपस्टीन फाइल्स की चर्चा क्यों ? February 25, 2026 / February 25, 2026 | Leave a Comment डॉ. नीरज भारद्वाज मीडिया में पिछले कई दिनों से एपस्टीन फाइल्स का नाम बहुत तेजी से चल रहा है। एपस्टीन फाइल्स नाम अपने आप में चौंका देने वाला है। लोग इसके फोटो, इसके कामकाज, शैली और इसके अंदर दिखाए जाने वाले कुकर्मों पर चर्चा कर रहे हैं। चारों तरफ भय का वातावरण बना दिया गया है। विश्व के लगभग […] Read more » Epstein Files भारत में एपस्टीन फाइल्स भारत में एपस्टीन फाइल्स की चर्चा क्यों
विश्ववार्ता विकास और विनाश को समझता विश्व February 25, 2026 / February 25, 2026 | Leave a Comment डॉ. नीरज भारद्वाज वैश्विक परिदृश्य को जब हम अलग-अलग दृष्टि और दृष्टिकोण से देखते हैं तो हमें राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति आदि बहुत से विषय मिल जाते हैं। इन विषयों पर बड़े स्तर पर काम भी किया जा सकता है और काम हो भी रहा है। वर्तमान वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हैं तो बाजार […] Read more » विकास और विनाश
लेख हिंदी दिवस अनुवाद शब्द पर दृष्टि January 16, 2026 / January 16, 2026 | Leave a Comment डॉ. नीरज भारद्वाज 21वीं सदी जहाँ ज्ञान-विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी की सदी है, वही निश्चित रूप से अनुवाद की भी सदी है। यह समूचा ज्ञान-विज्ञान सुविज्ञ अनुवाद के माध्यम से ही भावी पीढ़ी के बहुमुखी व्यक्तित्व के निर्माण तथा आर्थिक रूप से सबल राष्ट्र के निर्माण का आधार बना है। वास्तव में ‘विश्वग्राम’ की परिकल्पना में […] Read more » अनुवाद
समाज सोशल मीडिया : कितने दृष्टिकोण January 7, 2026 / January 7, 2026 | Leave a Comment वर्तमान स्थिति में सामान्य जन मीडिया से अधिक सोशल मीडिया से सीधा जुड़ा हुआ है। वह सोशल मीडिया को जानकारी के साधन के साथ-साथ एक हथियार के रूप में प्रयोग भी कर रहा है। Read more » सोशल मीडिया
प्रवक्ता न्यूज़ बंगलादेश में अकारण हिंदुओं की हत्या January 5, 2026 / January 5, 2026 | Leave a Comment बिना वजह, बिना कारण बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाना, कहां की शासन व्यवस्था का काम है। वहां रह रहे कुछ गिने-चुने हिंदू सड़कों पर विरोध के लिए आते हैं तो अगले दिन उन्हें भी निशाना बना लिया जाता है। बांग्लादेश में चुनाव को ध्यान में रखकर यह सभी कुछ अकारण हो रहा है। राजनीतिक उठा-पटक के चलते यह घटनाएं किसी को भी सोचने पर आतुर कर रही हैं । Read more »
समाज हमें नकल छोड़नी होगी December 18, 2025 / December 18, 2025 | Leave a Comment किस्से-कहानी हमारे समाज का ही अंग होते हैं और उसमें मनोरंजन, कल्पना, संवेदना सभी कुछ मिलाकर लिखा जाता और सुनाया जाता है। एक कहानी याद आती है कि एक बार एक भालू शहद खा रहा था, बंदर भी वहीं पर उछल-कूद कर रहा था। भालू को पता था कि बंदर नकलची होता है। Read more » हमें नकल छोड़नी होगी
मनोरंजन एक नजर : टेलीविजन December 11, 2025 / December 11, 2025 | Leave a Comment सूचना प्रौद्योगिकी युग में दूरदर्शन अपना विशेष महत्व रखता है। यह दो शब्दों के योग से बना है। दूर और दर्शन अर्थात दूर के दर्शन करवाने वाला उपकरण। Read more » टेलीविजन