विविधा भारत की भौतिक उन्नति का मार्ग April 20, 2011 / December 13, 2011 | Leave a Comment श्रीश देवपुजारी भारत के सामने हमारे पूर्व राष्ट्रपति श्री. अब्दुल कलाम ने 2020 तक विश्व की अर्थिक एवं सामरिक महाशक्ति बनने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने की क्षमता केवल आनेवाली पीढ़ी में है ऐसा मानकर वे बाल एवं युवकों को शिक्षा संस्थानों में जाकर प्रोत्साहित कर रहे हैं। किन्तु इस तरूणाई […] Read more »
समाज सामाजिक समरसता के उपासकों का सम्मान आवश्यक April 20, 2011 / December 13, 2011 | Leave a Comment राजीव मिश्रा संस्कारों का भारतीय मानवीय चेतना से गहरा संबंध है। इसके माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक परिष्कार की प्रक्रियाएं पूर्ण होकर परिवार, समाज एवं देश में समर्पण भाव से प्रशिक्षित सुसंस्कृत तथा समरस्ता से संपन्न सामाजिक सत् परिणामों को प्राप्त किया जा सकता है। शिक्षा स्वावलंबंन, संस्कृति के समन्वय से ही सामाजिक उन्नति […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ राम जेठमलानी फिर सुप्रीम कोर्ट बार एसोशिएशन (एससीबीए) के चुनाव मैदान में April 19, 2011 / December 13, 2011 | 2 Comments on राम जेठमलानी फिर सुप्रीम कोर्ट बार एसोशिएशन (एससीबीए) के चुनाव मैदान में आगामी 11 मई 2011 को सुप्रीम कोर्ट बार एसोशिएशन (एससीबीए) के चुनाव होने हैं। गौरतलब है कि एससीबीए के लिए 21 प्रतिनिधि चुने जाते हैं, जिसमें 6 पदाधिकारी, 6 वरिष्ठ अधिवक्ता और जूनियर बार के लिए 9 सदस्य होते हैं। एससीबीए के 6 पदाधिकारियों के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, दो सचिव और दो कोषाध्यक्ष के चुनाव […] Read more » Bar Association Election SCBA राम जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट बार एसोशिएशन
व्यंग्य व्यंग्य – फ्लैटों का आदर्श जुगाड़ April 18, 2011 / April 18, 2011 | 1 Comment on व्यंग्य – फ्लैटों का आदर्श जुगाड़ राजकुमार साहू वैसे देश में भ्रष्टाचार का बखेड़ा जहां-तहां छाया हुआ है। हर जुबान की शोभा केवल भ्रष्टाचार ही बढ़ा रहा है। कुछ महीनों पहले जब आदर्श सोसायटी के फ्लैटों का घोटाला उजागर हुआ, उसके बाद एक के बाद एक कई बडे भ्रष्टाचार हुए। जाहिर सी बात है, जब बात बड़ी-बड़ी हो रही हो […] Read more »
कहानी कहानी/ सैलाब April 18, 2011 / December 13, 2011 | Leave a Comment -सन्तोष गोयल तुलसी भाभी, उस दिन मुझे सपने में दीखीं थी…रोती-बिलखती…हाथ पसार …मानो कुछ मांग रही हों…शायद कुछ पकड़ना चाहती हों। क्यों आया मुझे तुलसी भाभी का सपना ? इसका कारण कौन बताये ? कौन व्याख्या करे ? अगले दिन सुबह-सवेरे चौक बुहारते हुए मैंने अम्मां से तुलसिया भाभी के बारे में जानना चाहा। बाबा […] Read more »
राजनीति बाबा साहब ने दिया लोकतंत्र को बल April 14, 2011 / December 14, 2011 | Leave a Comment डॉ. अनुराग दीप संविधान को लोकतंत्र की गीता कहा जाता है। भारत के संविधान के निर्माण में कई विधि विशेषज्ञों ने योगदान दिया जिसमें सर्वप्रमुख थे बाबा साहब अंबेडकर। उनके नेतृत्व में भारत के संविधान का निर्माण एक अतुलनीय उपलब्धि था जिस कारण उन्हें संविधानशिल्पी भी कहा जाता है। वह संविधान निर्माण की प्रारूप […] Read more » Dr Bhim Rao Ambedkar डॉ. भीमराव आंबेडकर
विविधा मजहब के आधार पर आरक्षण देश की अखण्डता के लिए खतरा April 14, 2011 / December 14, 2011 | Leave a Comment बृजनन्दन यादव मजहब के आधार पर आरक्षण देश की एकता एवं अखण्डता के लिए खतरा है, परन्तु केन्द्र की कांग्रेस सरकार मुस्लिमों को आरक्षण देने का हरसंभव प्रयास कर रही है। वह अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति एवं वर्ग विशेष के लोगों को खुश करने के लिए राष्ट्र की बलि भी चढ़ा सकती है। धर्म को […] Read more » Caste Reservation मजहबी आरक्षण
राजनीति एक हसरत थी कि आंचल का मुझे प्यार मिले April 13, 2011 / December 14, 2011 रामअवतार त्यागी पुण्यतिथि (13 अप्रैल) पर विशेष शादाब जफर ”शादाब” ”एक हसरत थी कि आंचल का मुझे प्यार मिले मैने मन्जिल को तलाशा मुझे बाजार मिले” फिल्म जिन्दगी और तूफान का स्व. मुकेश द्वारा गाया गया ये गीत जब जब बजता है तब तब स्वभाव से शान्त, आदतों से आवारा, तबियत से बेहद जिद्दी और आचरण से […] Read more »
पुस्तक समीक्षा भारतीय राजनीतिक एवं न्याययिक व्यवस्था से ज्यादा पश्चिमी देशों पर भरोसा करता है चर्च April 13, 2011 / December 14, 2011 | 2 Comments on भारतीय राजनीतिक एवं न्याययिक व्यवस्था से ज्यादा पश्चिमी देशों पर भरोसा करता है चर्च नई दिल्ली – आजादी के बाद से भारतीय ईसाई एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के नागरिक रहे है। धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था चाहे कितनी ही दोषपूर्ण हो, लोकतांत्रिक व्यवस्था चाहे कितनी ही गैर प्रतिनिधिक हो, यहां के ईसाइयों (चर्च) को जो खास सहूलियतें हासिल है, वे बहूत से ईसाइयों को यूरोप व अमेरिका में भी हासिल नही है। जैसे […] Read more » Indian Political
कविता कविता/ वतन छोड़ परदेस को भागते April 13, 2011 / December 14, 2011 | 3 Comments on कविता/ वतन छोड़ परदेस को भागते देश पूछेगा हमसे कभी न कभी, जब थी मजबूरियाँ, उसने पाला हमें हम थे कमज़ोर जब, तो सम्भाला हमें परवरिश की हमारी बड़े ध्यान से हम थे बिखरे तो सांचे में ढाला हमें बन गए हम जो काबिल तो मुंह खोल कर कोसने लग गए क्यों इसी देश को? देश के धन का, सुविधा का […] Read more »
विविधा परिवर्तन की आंधी चली April 11, 2011 / December 14, 2011 | 1 Comment on परिवर्तन की आंधी चली बृजनन्दन यादव भ्रष्टाचार और लोकपाल विधेयक पर अन्ना हजारे के आमरण अनशन से देश में एक नई चेतना का संचार हो रहा है। निश्चित ही यह देश के लिए शुभ संकेत है। यह परिवर्तन की आंधी है। इससे महापुरुषों की भविष्यवाणी सत्य सिद्ध होती दिखाई पड़ रही है। पं श्रीराम शर्मा आचार्य एवं हो. वे. […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे जन लोकपाल विधेयक भ्रष्टाचार
विविधा जानिए, क्या है जन लोकपाल बिल? April 6, 2011 / December 14, 2011 | 4 Comments on जानिए, क्या है जन लोकपाल बिल? नई दिल्ली। देश में गहरी जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार को रोकने के लिए जन लोकपाल बिल लाने की मांग करते हुए अन्ना हजारे ने मंगलवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया। जंतर – मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता हजारे को सपोर्ट करने हजारों लोग जुटे। आइए जानते हैं जन लोकपाल बिल के बारे में… – […] Read more » Anna Hazare जन लोकपाल बिल