कविता साहित्य “ऐसा अपना भारतवर्ष हो” April 11, 2016 | 2 Comments on “ऐसा अपना भारतवर्ष हो” रँग वर्ण और सम्प्रदाय का, भेदभाव ना हो आपसी I कर्तव्यपरायण प्रशासक हों, राजधर्म की हो वापसी II अटूट अलौकिक ऐसे ग्रह पर, अपनी भी एक अदभुत छवि हो विश्व-गुरु अति प्रेरणात्मक, ऐसा अपना भारतवर्ष हो II तमिल तेलुगू और केरल में, रिमझिम रिमझिम सी वर्षा हो I कन्नड़ गोवा महाराष्ट्र में, मलयपवन मय मधु […] Read more » ऐसा अपना भारतवर्ष हो
लेख साहित्य लंगड़ा गए तो मरने चले : आत्महत्या April 10, 2016 | Leave a Comment आत्महत्या एक ऐसा भयंकर लव्ज़ जिसके सुनते ही हमारी आँखों के आगे एक भयानक मंज़र सामने आता है। कोई भी तब नहीं मरता जब वो सबसे हार जाता है, वो तब मौत के आग़ोश में जाता है जब वो खुदसे हार जाता है। कहने को तो ये मनचाही मौत होती है,पर ये एक ऐसी स्थिति […] Read more » आत्महत्या मरने चले
विश्ववार्ता पूरी दुनिया में धर्मयुद्ध का खतरा मंडरा रहा है April 9, 2016 | Leave a Comment जब-जब दुनिया में विश्वयुद्ध की भयावह तारीखें आई हैं तब-तब इनकी नींव में सदियों पुराने धर्म व इनकी संकीर्ण व बर्बर सोच के बीज मिले हैं। आज फिर इतिहास दोहराव के कगार पर है जहां धर्म की खूनी जंग छेड़े हुए आईएस से निबटने के लिए दुनियाभर के देशों में गुटबंदी व रणनीति […] Read more » धर्मयुद्ध का खतरा
जन-जागरण विविधा जल ही जीवन हैं April 9, 2016 | Leave a Comment महेश तिवारी जल ही जीवन हैं,यह कहावत ही नहीं हैं लेकिन जब इसके लिए ही आपसी कटुता और वैमनस्य का भाव उत्पन्न हो जाए और इसके लिए धारा 144 को लगाना पडें तो यह मालूमात करना काफी आसान हो जाता है कि देश में जलसंकट की समस्या कितनी भयावह रूप लेती जा रही है। एक […] Read more » Featured water problem in Maharashtr जल ही जीवन है
खेत-खलिहान विविधा शख्सियत किसानों की आत्महत्या रोकने का रामबाण उपाय: जीरो बजट आध्यात्मिक कृषि April 5, 2016 | Leave a Comment आविष्कारक: कृषि ऋषि श्री सुभाष पालेकर कृषि वैज्ञानिक, किसान और लेखक कृषि ऋषि श्री सुभाष पालेकर एक भारतीय कृषक हैं, जिन्होने जीरो बजट आध्यात्मिक कृषि के बारे में अभ्यास किया है और कई पुस्तकें लिखी है। सुभाष पालेकर का जन्म वर्ष 1949 में भारत में महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बेलोरा नाम के एक छोटे […] Read more » Featured कृषि ऋषि श्री सुभाष पालेकर जीरो बजट आध्यात्मिक कृषि श्री सुभाष पालेकर
मनोरंजन लेख सिनेमा रोमांस से डूबा करिअर! April 2, 2016 / April 2, 2016 | Leave a Comment कंगना रानाउत ने कुछ समय पहले एक और धमाका किया था। अपने संघर्ष के दिनों के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा था कि किसी हीरो से रोमांटिक रिश्तो जोड़ने में किसी हीरोइन की पसंद या नापसंद को तरजीह नहीं दी जाती। कुछ को करिअर की खातिर समझौता करना पड़ता है तो कुछ भावनात्मक […] Read more » #bollywood in hindi #film article in hindi actor Shahrukh Khan Dilip Kumar Dilip Kumar's career Featured Film Industry films Heroine Kamini Kaushal Kangana Ranaut Marital relationship relationship Shahrukh and Priyanka प्रियंका चोपड़ा रोमांस से डूबा करिअर! शाहरुख खान
खेत-खलिहान शख्सियत समाज आदिवासी किसानो के गुरु जाफर हुसैन April 1, 2016 | Leave a Comment शैलेन्द्र सिन्हा हम अपनो किसानो के प्रति आभारी हैं कि वे हमारे देश की खादसुरक्षा के रीढ़ हैं। हमे खाद सुरक्षा से आगे सोचना होगा और अपने किसानो को आय सुरक्षा देनी होगी इसलिए सरकार खेत और खेती के क्षेत्रो मे कार्यवाही की दिशा बदलेगी ताकि 2022 तक किसानो की आमदनी दुगनी हो जाए, कृषि […] Read more » guru of adiwasi farmers guru zafar hussain guru zafar hussain जाफर हुसैन संथाल परगना मे रहने वाले किसान जाफर हुसैन सब्जीवाला किसान
धर्म-अध्यात्म भगवान बुद्ध और आर्य परम्परा -एक सत्यान्वेषण March 27, 2016 | Leave a Comment “सचं नेरसी अन्तान्म कन्सो उपहतो यथा एस पत्तो सि निब्बानं सारम्भो न विज्ज्ती “(धम्मपद गा.१३४) टूटे हुए कांसे के थाल को पीटने पर भी आवाज नहीं करता ,वैसे ही यदि तुमने स्वयम को निशब्द कर लिया तो ऐसा समझो कि तुम निर्वाण पा गये ,क्योंकि प्रतिक्रिया तुम्हारे लिए जाती रही . ये पंक्तियाँ उन भगवान […] Read more » Featured
कविता साहित्य अब हम शिक्षक की बारी है March 19, 2016 | Leave a Comment कई दिनों के बाद आज यें स्वर्णीम अवसर आया है। बड़ी तपस्या करके हमने, शिक्षक रूप को पाया है।। मन में उठी तमन्ना है, पूरी कर ली तैयारी है। बहुत पढ़ाया लोगो ने, अब हम शिक्षक की बारी है।। विश्वविद्यायल की माटी में अब बीज शान के बोना है। कतर््ाव्यों से सींच के […] Read more » अब हम शिक्षक की बारी है
शख्सियत समाज छगन भुजबलः कहानी गजब March 19, 2016 | Leave a Comment हमारे देश में सब्जी बेचने वालों ने जो मुकाम हासिल किया है वह शायद ही किसी और पेशे वाले हासिल कर पाने में कामयाब हुए होंगे। सबसे पहले संजय गांधी उत्तरप्रदेश से आसकरण संखवार को लोकसभा का टिकट देकर उन्हें जितवा कर लाए थे। वे सदन में छाए रहते थे। सदन के बाहर भी ऐसी […] Read more » Chagan bhujbal छगन भुजबल
समाज पुरुषवादी मानसिकता का बर्बर रूप March 18, 2016 | Leave a Comment पिछले दिनों महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शनि मंदिर में प्रवेश को लेकर आन्दोलनकारियों और मंदिर समिति की तमाम कार्यवाहियाँ हमारे सामने आ चुकी हैं. इन सबके बावजूद स्त्री-विमर्श के पैरोकार, लेखक-बुद्धिजीवी, कानूनविद और यहाँ तक कि समाजशास्त्री भी इस घटना को भिन्न भिन्न तरीके से देख रहे हैं किन्तु इसके कुछ पहलुओं को जानबूझ […] Read more » male dominated society male domination on women पुरुष प्रधान मानसिकता पुरुषवादी मानसिकता का बर्बर रूप
विविधा सूफीमत की ‘रूहानियत’ ही अध्यात्म-विज्ञान March 18, 2016 | Leave a Comment जब आतंकवाद को सूफीवाद से खत्म किये जाने की बात कही जा रही है, ऐसे में आध्यात्मिक क्रान्ति से कदाचार (अनाचार, अत्याचार, भ्रष्टाचार, व्यभिचारादि) का अंत करने की बात होना, यह सिद्ध करते है कि सूफीमत की रूहानियत ही अध्यात्म-विज्ञान है। यह भी संयोग ‘परवरदिगार’ ने तय किया ‘‘कदाचार पूर्ण दुर्घर्ष दौर में ‘आर्ट आॅफ […] Read more » Featured अध्यात्म-विज्ञान आतंकवाद को सूफीवाद से खत्म रूहानियत सूफीमत