चिंतन

देश एवं मानव निर्माण में गोरक्षा एवं गोसंवर्धन का महत्वपूर्ण स्थान

-मनमोहन कुमार आर्य                 परमात्मा ने मनुष्य एवं इतर आत्माओं के लिये इस सृष्टि को उत्पन्न कर धारण किया है।...

“गोरक्षा व गोपालन मानवीय कार्य होने से वैदिक धर्म का अंग है”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। मनुष्य का कर्तव्य ‘जियो और जीने दो’ सिद्धान्त का पालन करना है। कोई मनुष्य यह नहीं...

“ईश्वर अनादि काल से हमारा साथी है और हमेशा रहेगा”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। अथर्ववेद के एक मन्त्र ‘अन्ति सन्तं न जहात्यन्ति सन्तं न पश्यति। देवस्य पश्य काव्यं न ममार...

“ऋषि दयानन्द संसार में सबसे महान एवं सर्वोत्तम मनुष्य थे”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। मनुष्य वह होता है जो अपने सभी निर्णय व कार्य मनन करके करता हे। मनुष्य का...

“गुरुकुल ब्रह्मचारियों को विद्या देने के साथ उन्हें तपस्वी बनाता हैः स्वामी प्रणवानन्द सरस्वती”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। दिनांक 11-8-2019 को देहरादून स्थित गुरुकुल पौंधा में 28 नये प्रविष्ट ब्रह्मचारियों के वेदारम्भ एवं उपनयन...

“प्रत्यक्षदर्शी स्वामी अच्युतानन्द और स्वामी आर्यमुनि

द्वारा ऋषि दयानन्द का वर्णन” -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। आर्यसमाज के उच्च कोटि के विद्वान और ऋषि दयानन्द के जीवन...

“ऋषि दयानन्द के अनुसार कृष्ण लीला से कृष्णजी का अपमान होता है”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। ऋषि दयानन्द जी का जिन दिनों मेरठ में आगमन हुआ था, तब वहां ‘धर्मरक्षिणी सभा’ की...

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