धर्म-अध्यात्म

भारत को मुस्लिम देश बनाने की तैयारी / डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री

राहुल गाँधी कांग्रेस के महासचिव हैं। लेकिन उनका यह परिचय अधूरा है। फिलहाल वे उस…

इस सदी के अंत तक यूरोप का इस्लामीकरण एक संभावना

विश्वविख्यात विचारक बर्नार्ड लिविस का पूर्वानुमान क्या 21 वीं शताब्दी के समाप्त होते-होते यूरोप का…

बाबरी मस्जिद मामले में देवराहा बाबा को षड्यंत्रकारी कहना, अध्यात्म को कलंकित करना है

परमपूज्य ब्रह्मलीन योगीराज श्री देवराहा बाबाजी महाराज के परमशिष्य व बिहार राज्य के भोजपुर जिला…

कनिष्क कश्यप:आईए देखें पहले अंडा या पहले मुर्गी ?

यहीं गांठ हैं, यहीं उलझन हैं जो आपको
सुलझानी हैं। देखो उस सवाल को……जिसने अपना होना कैसे बनाये रखा। एक ऐसा सवाल जो बार बार
आपको एक अद्रिश्य सता को मानने को विवश करता है। एक ऐसा सवाल जो बड़े बड़े विद्वानों ने,
मनुस्य की सोच और बुद्धि को सीमित करने का रूपक बनाया और आज भी बनाया जाता है।

पहले अंडा आया या पहले मुर्गी?
पहले पेड़ या पहले बीज़? जैसे हज़ारों सवाल आप बना सकतें हैं!

सेक्स चर्चा (भाग -3)

हम जीवन के मूल तत्व ‘ काम ‘ अर्थात ‘सेक्स’ के ऊपर विभिन्न विचारकों और अपने विचार को आपके समक्ष रखेंगे . काम का जीवन में क्या उपयोगिता है ? सेक्स जिसे हमने बेहद जटिल ,रहस्यमयी ,घृणात्मक बना रखा है उसकी बात करने से हमें घबराहट क्यों होती है ? क्यों हमारा मन सेक्स में चौबीस घंटे लिप्त रहने के बाद भी उससे बचने का दिखावा करता है