धर्म-अध्यात्म मनुष्य के जन्म-मरण का कारण एवं इन दुःखों से छूटने के उपाय October 28, 2020 / October 28, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यहम संसार में प्रतिदिन मनुष्यों का जन्म होते हुए देखते हैं। प्रतिदिन देश विदेश में हजारों लोग मृत्यु के ग्रास बनते हैं। ऐसा सृष्टि के आरम्भ से होता आ रहा है। हम सभी ऐसा ही अनुमान व विश्वास भी करते हैं। इस सबको समझने के बाद भी मनुष्य इस विषय को जानने का […] Read more » Causes of human birth and death and measures to get rid of these sorrows मनुष्य के जन्म-मरण का कारण
धर्म-अध्यात्म सृष्टि की उत्पत्ति रक्षण एवं प्रलय का ज्ञान विज्ञान सम्मत वैदिक सिद्धान्त October 27, 2020 / October 27, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम संसार में रहते हैं और इस सृष्टि का साक्षात् व प्रत्यक्ष अनुभव करते हैं। हम जानते व मानते हैं कि इस सृष्टि का अस्तित्व सत्य एवं यथार्थ है। हमारी सभी ज्ञान इन्द्रियां हमारे सृष्टि के प्रत्यक्ष एवं यथार्थ होने की पुष्टि करती हैं। हम आंखों से इस सृष्टि को देखते […] Read more » preservation and destruction of the origin of the world Vedic theory of knowledge of science सृष्टि की उत्पत्ति सृष्टि की उत्पत्ति रक्षण सृष्टि की रक्षण
धर्म-अध्यात्म वेदों का सर्वव्यापक व सर्वशक्तिमान ईश्वर से उत्पन्न होना सत्य व प्रामाणित है October 26, 2020 / October 26, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य वेद संसार के सबसे प्राचीन ग्रन्थ हैं। वेदों के बारे में हमें यह सत्य नहीं बताया जाता कि वेदों की उत्पत्ति मनुष्यों से न होकर इस संसार के रचयिता परमात्मा से हुई है और वेदों की सभी शिक्षायें व मान्यतायें सर्वथा सत्य हैं एवं सृष्टि क्रम सहित विज्ञान की मान्यताओं के […] Read more » Vedas originating from omnipresent and omnipotent God is true and authentic वेदों सर्वव्यापक व सर्वशक्तिमान ईश्वर
धर्म-अध्यात्म मनुष्य जीवन की सफलता अविद्या दूर कर विद्या वृद्धि से ही संभव October 24, 2020 / October 24, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य के जीवन के दो यथार्थ हैं, पहला कि उसका जन्म हुआ है और दूसरा उसकी मृत्यु अवश्य होगी। मनुष्य को जन्म कौन देता है? इसका उत्तर यह है कि माता-पिता मनुष्य को जन्म देते हैं। यह उत्तर सत्य है परन्तु अपूर्ण भी है। माता-पिता तभी जन्म देते हैं जबकि ईश्वर […] Read more »
धर्म-अध्यात्म यथार्थ ईश्वर का स्वरूप क्या व कैसा है? October 24, 2020 / October 24, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य संसार में अनेक मत व सम्प्रदाय हैं जो ईश्वर की सत्ता को स्वीकार करते हैं परन्तु सब मतों की ईश्वर विषयक मान्यतायें, जो कि परस्पर समान होनी चाहियें, नहीं हैं। एक वस्तु व द्रव्य परस्पर भिन्न गुणों व स्वरूप वाला कदापि नहीं हो सकता। अतः मत-मतान्तरों की मान्यताओं में कहीं न […] Read more » ईश्वर का स्वरूप
धर्म-अध्यात्म ईश्वर को यदि न जाना व पाया तो मनुष्य जीवन अधुरा व व्यर्थ है October 22, 2020 / October 22, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम मनुष्य हैं। मनुष्य मननशील प्राणी को कहते हैं। सृष्टि में असंख्य प्राणी योनियां हैं जिसमें एकमात्र मनुष्य ही मननशील प्राणी है। अतः हम सबको मननशील होना चाहिये। विचार करने पर लगता है कि सभी लोग मननशील नहीं होते। अधिकांश लोगों को अपने बारे में व इस सृष्टि के बारे में […] Read more » ईश्वर
धर्म-अध्यात्म ईश्वरीय ज्ञान वेद श्रेष्ठ आचरण को ही मनुष्य का धर्म बताते है October 20, 2020 / October 20, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य धर्म और आचरण पर विचार करने पर ज्ञात होता है कि धर्म शुभ व श्रेष्ठ आचरण को कहा जाता है। जो जो श्रेष्ठ आचरण होते हैं उनका करना धर्म तथा जो जो निन्दित तथा मनुष्य की आत्मा को गिराने वाले कम व आचरण होते हैं, वह अधर्म व निन्दित होते हैं। […] Read more » ईश्वरीय ज्ञान वेद
धर्म-अध्यात्म कल्याण मार्ग के पथिक व वीर विप्र योद्धा ऋषिभक्त स्वामी श्रद्धानन्द October 20, 2020 / October 20, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यस्वामी श्रद्धानन्द ऋषि दयानन्द के शिष्यों में एक प्रमुख शिष्य हैं जिनका जीवन एवं कार्य सभी आर्यजनों व देशवासियों के लिये अभिनन्दनीय एवं अनुकरणीय हैं। स्वामी श्रद्धानन्द जी का निजी जीवन ऋषि दयानन्द एवं आर्यसमाज के सम्पर्क में आने से पूर्व अनेक प्रकार के दुर्व्यसनों से ग्रस्त था। इन दुव्यर्सनों के त्याग में […] Read more » वीर विप्र योद्धा ऋषिभक्त स्वामी श्रद्धानन्द स्वामी श्रद्धानन्द
धर्म-अध्यात्म ईश्वर की आज्ञा पालन के लिये सबको अग्निहोत्र यज्ञ करना चाहिये October 19, 2020 / October 19, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यपरमात्मा इस संसार का स्वामी है। उसी ने इस संसार को बनाया और वही संसार का पालन कर रहा है। इस संसार को बनाने का उद्देश्य परमात्मा द्वारा अनादि तथा नित्य जीवों को उनके पूर्वजन्मों के अनुसार उनके योग्य प्राणी योनियों में जन्म देना, उनके कर्मों के अनुसार उन्हें सुख व दुःख देना, […] Read more » Everyone should perform Agnihotra Yagya to obey God. अग्निहोत्र यज्ञ
धर्म-अध्यात्म वेदोद्धारक, समाज सुधारक तथा आजादी के मंत्रदाता ऋषि दयानन्द October 17, 2020 / October 17, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य विश्व का धार्मिक जगत ऋषि दयानन्द का ऋणी है। उन्होंने विश्व को सद्धर्म का विचार दिया था। एस सद्धर्म की पूरी योजना व प्रारूप भी उन्होंने अपने ग्रन्थों व विचारों में प्रस्तुत किया है। उन्होंने बतया था कि मत-मतान्तर व सत्य धर्म में अन्तर होता है। मत-मतान्तर धर्म नहीं अपितु अविद्या […] Read more » social reformer and freedom minister Rishi Dayanand Vedicist ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म यज्ञमय शाकाहार युक्त वैदिक जीवन ही सर्वोत्तम जीवन है October 14, 2020 / October 14, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यवेद सृष्टि के प्राचीनतम ग्र्रन्थ हैं। वेदों के अध्ययन से ही मनुष्यों को धर्म व अधर्म का ज्ञान होता है जो आज भी प्रासंगिक एवं सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। वर्तमान में संसार में जो मत-मतान्तर प्रचलित हैं वह सब भी वेद की कुछ शिक्षाओं से युक्त हैं। उनमें जो अविद्यायुक्त कथन व मान्यतायें हैं […] Read more » Vedic life with sacrificial vegetation is the best life शाकाहार युक्त वैदिक जीवन
धर्म-अध्यात्म आत्मा, अनादि, अविनाशी व जन्म-मरण धर्मा है तथा मोक्ष की कामना से युक्त है October 13, 2020 / October 13, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य संसार में तीन अनादि तथा नित्य पदार्थ हैं। यह पदार्थ हैं ईश्वर, जीवात्मा तथा प्रकृति। ईश्वर सत्य चित्त आनन्दस्वरूप एवं सर्वज्ञ है। आत्मा सत्य, चेतन एवं अल्पज्ञ है। प्रकृति सत्य एवं जड़ सत्ता है। अनादि पदार्थ वह होते हैं जिनका अस्तित्व सदा से है और सदा रहेगा। इन्हें किसी अन्य सत्ता […] Read more » imperishable and birth-born is righteousness and is blessed with salvation The soul is eternal अनादि अविनाशी व जन्म-मरण धर्मा आत्मा मोक्ष की कामना